माध्यमिक शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी खासे नाराज हैं। मंत्री अब इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री से बात करने का मन बना रहे हैं।
नैथानी ने ग्वाल पर वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई की संस्तुति की थी। लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद चार्जशीट के बजाय सफाई मांग कर मामले को हल्का बनाने का दबाव है।
नैथानी ने कीर्तिनगर में कहा कि निदेशक को पक्ष रखने का मौका दिया गया है। हर हाल में चार्जशीट दी जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, ग्वाल ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखा है। बताया जाता है कि कुमाऊं के एक असरदार पूर्व विधायक ग्वाल की पैरवी में उतर आए हैं।
इससे पहले मंत्री को तबादलों वाले मामले में भी मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के कारण फजीहत का सामना करना पड़ा था। अक्तूबर में मंत्री की ओर से करीब ढाई सौ से अधिक शिक्षकों के तबादले का आदेश जारी किया गया था। कई शिक्षकों ने नई तैनाती स्थल पर ज्वायन भी कर लिया था।