राज्यसभा सांसद और देहरादून की पूर्व मेयर मनोरमा डोबरियाल शर्मा का कहना है कि देहरादून के बिना स्मार्ट सिटी की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। अन्य शहरों को इसमें शामिल किया जाए लेकिन उत्तराखंड की पहचान देहरादून से है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से देहरादून को स्मार्ट सिटी घोषित करने की पैरवी करेंगी।
मलिन बस्तियों पर नाराजगी
संसद के शीतकालीन सत्र केबाद देहरादून लौटीं मनोरमा ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में एक प्रश्न के उत्तर में देहरादून में अनियंत्रित ढंग से बसी मलिन बस्तियों पर नाराजगी जताई। उनका कहना है इन बस्तियों में रहने वाले समाज का अंग और हमारी रोजमर्रा की जरूरतों में जुड़े हुए हैं लेकिन इसकेपीछे असामाजिक तत्व हैं जो सरकारी जमीन कब्जा कर इन लोगों को बेचकर भाग जाते हैं। शहर में अपराध का स्तर बढ़ाने में भी इन बस्तियों का हाथ है। कांग्रेस सरकार ऐसे लोगों को कभी संरक्षण नहीं देती।
बड़ी संख्या में लोगों को लाभ
अपने एक महीने के कार्यकाल के संबंध में मनोरमा ने बताया कि शीतकालीन सत्र केदौरान उन्होंने प्रदेश से जुड़े कई मुद्दे उठाए। राज्यसभा में अतारांकित प्रश्न में देहरादून-कालसी रेल लाइन के संबंध में पूछा था जिसे रेल मंत्री ने अलाभकारी बताया है। जबकि रेललाइन के बिछने से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा। जवाब से असंतुष्ट होकर मैंने प्रधानमंत्री व रेल मंत्री को पत्र लिखकर सामाजिक विकास की बात कही है।
उन्होंने बताया कि सदन में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के निर्माण की धीमी गति और डाट काली मंदिर के पास सुरंग के चलते लगने वाले जाम का मुद्दा भी उठाया। वन मंत्रालय से संबंधित फारेस्ट क्लीयरेंस पर सवाल पूछा। राज्य को ग्रीन बोनस और औद्योगिक पैकेज पर भी सवाल पूछे। भाजपा सांसदों को राज्य के हित में आगे आना चाहिए।