आम आदमी पार्टी मूल रूप से एक राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि जनता की उम्मीदों को बचने वाली पार्टी है। सात साल में कथित केजरीवाल मॉडल से यह तो साफ हो गया है कि दिल्ली विकास से कोसों दूर है। उन्होंने बहस के सवाल पर कहा कि राजनीति गंभीर विषय है, यह थिएटर का शो नहीं है।
मदन कौशिक ने कहा कि सभी प्रमुख नेताओं को बाहर निकाल कर आप यह साबित कर चुकी है कि पार्टी एक व्यक्ति पर आधारित है, जिसका कोई राजनीतिक दर्शन नहीं है। आम आदमी पार्टी की सरकार के सात साल में दिल्ली की जनता देख चुकी है कि आप सेलर ऑफ होप हैं। आप उम्मीदों और सपनों को बेचने वाले व्यापारी की तरह व्यवहार करते हैं। जहां तक उत्तराखंड की बात है तो यहां हर साल करोड़ों पर्यटक आते हैं।
उत्तराखंड को आप जैसे टूरिस्ट पॉलीटिशियन का स्वागत करने में भी कोई हिचक नहीं है। जहां तक सार्वजनिक चर्चा या बहस का सवाल है तो राजनीति एक गंभीर विषय है। यह किसी थिएटर का शो नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर व्यक्ति विकास केंद्रित राजनीति और उसके गंभीर पहलुओं से अच्छी तरह वाकिफ है।आप का नेतृत्व पलायनवादी मानसिकता का शिकार है। कभी आप दिल्ली छोड़कर यूपी चले जाते हैं। कभी आपके नेता पंजाब में मुख्यमंत्री बनने पहुंच जाते हैं और अब उन्हें उत्तराखंड आने का शौक लगा है।
जहां तक बहस का सवाल है तो उत्तराखंड भाजपा का कोई नेता या मंत्री ही नहीं बल्कि पार्टी का छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी आपके साथ मजबूती से मुद्दा आधारित राजनीतिक बहस कर सकता है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में 400 नई लाइब्रेरी खोलने की घोषणा की थी, जिनमें से अभी तक एक चैथाई भी नहीं खुल पाई हैं।
दिल्ली में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है, जबकि आपकी सरकार बच्चों से उनके अभिभावकों और परिजनों के मोबाइल नंबर आदि ब्योरा भरवाने में व्यस्त है, ताकि इन सूचनाओं का राजनीतिक उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि आम आदमी पार्टी को सत्ता का लालच है। इसी लालच में दिल्ली के लोगों को ठग लिया है लेकिन उत्तराखंड की जनता को नहीं ठग पाएंगे।
डिग्री कॉलेज, विवि की तुलना उत्तराखंड से करेंगे तो जवाब मिल जाएगा
मदन कौशिक ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को बताना चाहिए कि बीते सात साल में आप ने दिल्ली में कितने डिग्री कॉलेज कितनी नई यूनिवर्सिटी और कितने मेडिकल कॉलेज शुरू किए हैं। आपके पास जो भी आंकड़े हों उन आंकड़ों की तुलना उत्तराखंड से कर लीजिएगा तो आपको सही उत्तर मिल जाएगा कि आपका शिक्षा का मॉडल कितना झूठा है।
अमित शाह पहल न करते तो बुरे होते कोरोना में दिल्ली के हाल
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि यह चिंता की बात है कि देश की राजधानी दिल्ली को आपकी सरकार की लापरवाही के कारण कोरोना के समय में बेहद बुरा दौर देखा है। कोरोना आया तो दिल्ली के मुख्यमंत्री ने खुद को आइसोलेट कर लिया। अगर गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली को बचाने के लिए व्यक्तिगत रूप से पहल न की होती तो आज राजधानी की स्थिति बहुत बदतर होती।
मुख्यमंत्री की विधानसभा में जीवनवाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रश्न खड़े किए तो ग्राम पंचायत के प्रधान पति व पंचायत प्रतिनिधि गुरजीत सिंह ने भी आप नेता पर पलटवार कर दिया।
उन्होंने कहा कि सिसोदिया आधा अधूरा ज्ञान लेकर यहां आए। जबकि हकीकत यह है कि मुख्यमंत्री ने स्कूल भवन की मरम्मत के लिए 4.15 लाख रुपये उलब्ध कराए हैं। ग्राम पंचायत के अनुरोध पर ही स्कूल प्रांगण में पेड़ों का कटान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सच्चाई को जाने बगैर सिसोदिया मुख्यमंत्री को नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री के प्रयासों से दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान हुए। आजादी के बाद से गांव की जो सड़क अधर में लटकी थी, उसके लिए मुख्यमंत्री ने करोड़ों का बजट जारी किया। पानी की समस्या के समाधान के लिए ट्यूवैल बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि स्कूल के बारे में सोच बनाने से पहले सिसोदिया उसके बारे पूरी जानकारी प्राप्त कर लेते। उन्हें इस तरह से असहज नहीं होना पड़ता। उन्होंने कहा कि सिसोदिया का उत्तराखंड देवभूमि में स्वागत है। वे लगातार यहां आएं। लेकिन राजनीतिक रोटियां सेंकने मत आएं। अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो खुद यहां एक भवन का निर्माण करा दें।