विवाद होने पर इस्तीफा दिया
चयन हो गया, लेकिन जब सवाल उठे तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसी प्रकार, प्रदीप कोठियाल का चयन भी किया गया। उन्होंने अपने शैक्षिक दस्तावेजों में एक वर्षीय पीजीडीसीए और दो ग्रेजुएशन की मार्कशीट मिलाकर 65 प्रतिशत की अर्हता पूरी होती दिखाई थी। विवाद होने पर उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया।
मामले में आईटीडीए की निदेशक नितिका खंडेलवाल ने बताया, राम उनियाल प्रतिनियुक्ति पर, जबकि नवनीत शौनक कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। मीनू पाठक व प्रदीप कोठियाल यहां कार्यरत नहीं हैं। संजीवन सूंठा आउटसोर्सिंग के माध्यम से यहां सेवारत हैं।
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जिसे एमडीडीए ने निलंबित किया, वह आईटीडीए में तैनात
एमडीडीए में सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर कार्यरत संजीवन सूंठा को सॉफ्टवेयर कंपनी की शिकायत पर 2020 में वीसी रणवीर चौहान ने निलंबित कर दिया था। आरोप लगा था कि सूंठा ने नक्शा पास करने वाले सॉफ्टवेयर पर खुद असीमित अधिकार ले लिए थे, जिसके लिए वो अधिकृत नहीं थे। सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही कंपनी ने वीसी से शिकायत की थी, जो सही पाए जाने पर सूंठा सस्पेंड हुए थे। बाद में उन्हें हटा दिया गया था। आज सूंठा भी आईटीडीए में सेवारत हैं।