मंदिरमाला मिशन में शामिल होने वाले जिलों के मंदिर
अल्मोड़ा : जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर
पिथौरागढ़ : पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर
बागेश्वर : बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर
चंपावत : पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचौड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, बाराही देवी मंदिर, देवीधुरा मंदिर, रीठा मीठा साहिब मंदिर
नैनीताल : गोल्ज्यू मंदिर, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर कैंचीधाम मंदिर, हनुमान मंदिर
ऊधमसिंह नगर : चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब
गढ़वाल को केदारखंड और कुमाऊं को मानसखंड मानते हैं
आध्यात्मिक एवं धार्मिक रूप से उत्तराखंड को शिव की भूमि माना जाता है। गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को भगवान केदारनाथ की भूमि मानते हुए केदारखंड पुकारा जाता है। कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को कैलाश मानसरोवर की जलभूमि मानते हुए मानसखंड कहा जाता है।
ऐटकिन्सन के गजेटियर में मानसखंड का उल्लेख
एडविन टी ऐटकिन्सन के हिमालयन गजेटियर में मानसखंड का जिक्र है। यह भू-भाग पश्चिम में नंदा देवी पर्वत व पूर्व में नेपाल में स्थित काकगिरी पर्वत तक वर्णित है। वर्तमान में पूर्व में भारतीय सीमा महाकाली नदी तक लगा है। मानसखंड में कैलाश मानसरोवर पर्वत, मेरू, पंचाचूली, लिपुलेख एवं जौहर मुख्य पर्वत हैं। काली कुमाऊं मानसखंड का अंतिम स्थल है। इस क्षेत्र में रामगंगा, सरयू, गोरी, काली नदी, पिंडर, कोसी नदियां हैं।