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मंदिरमाला मिशन से जुड़ेंगे 29 पौराणिक मंदिर: मानसखंड कॉरिडोर बनाने के लिए कसरत शुरू, पढ़िए क्या होंगे फायदे

Wed, 04 May 2022 03:48 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मानसखंड कॉरिडोर के तहत करीब 21 रोपवे बनाने की योजना है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग भी मंदिरमाला मिशन के तहत मंदिरों को रोड व रोपवे कनेक्टिविटी की संभावना तलाश रहे हैं।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गढ़वाल में चारधाम की तरह कुमाऊं मंडल में नया मानसखंड कॉरिडोर बनाने के लिए शासन ने कसरत शुरू कर दी है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने मानसखंड मंदिरमाला मिशन के लिए कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल सूचना भेजने के निर्देश दिए हैं। मिशन के तहत कुमाऊं मंडल के 29 पौराणिक मंदिर चिह्नित किए गए हैं। 

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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग और पर्यटन विभाग भी मंदिरमाला मिशन के तहत मंदिरों को रोड व रोपवे कनेक्टिविटी की संभावना तलाश रहे हैं। प्रमुख सचिव (लोनिवि) आरके सुधांशु के मुताबिक, जिलाधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विभाग मंदिरों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और वहां पहुंचने के लिए मार्गों को सुगम बनाने की योजना पर काम करेगा।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मानसखंड कॉरिडोर के तहत करीब 21 रोपवे बनाने की योजना है। सही संख्या का पता जिलाधिकारियों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही चलेगा।
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मुख्यमंत्री  के निर्देश हैं कि मानसखंड की परिकल्पना के तहत आने वाले जितने भी धार्मिक स्थल हैं और पर्यटक स्थल हैं, उन्हें अच्छी कनेक्टिविटी दी जाए। हम लोगों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके इस्टीमेट तैयार करने को कह दिया गया है। तीर्थांटन और पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत महत्वपूर्ण योजना है।- आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, लोनिवि

मंदिरमाला मिशन में शामिल होने वाले जिलों के मंदिर

अल्मोड़ा : जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर
पिथौरागढ़ : पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर
बागेश्वर : बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर
चंपावत : पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचौड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, बाराही देवी मंदिर, देवीधुरा मंदिर, रीठा मीठा साहिब मंदिर
नैनीताल : गोल्ज्यू मंदिर, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर कैंचीधाम मंदिर, हनुमान मंदिर
ऊधमसिंह नगर : चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब

गढ़वाल को केदारखंड और कुमाऊं को मानसखंड मानते हैं

आध्यात्मिक एवं धार्मिक रूप से उत्तराखंड को शिव की भूमि माना जाता है। गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को भगवान केदारनाथ की भूमि मानते हुए केदारखंड पुकारा जाता है। कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को कैलाश मानसरोवर की जलभूमि मानते हुए मानसखंड कहा जाता है।

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ऐटकिन्सन के गजेटियर में मानसखंड का उल्लेख

एडविन टी ऐटकिन्सन के हिमालयन गजेटियर में मानसखंड का जिक्र है। यह भू-भाग पश्चिम में नंदा देवी पर्वत व पूर्व में नेपाल में स्थित काकगिरी पर्वत तक वर्णित है। वर्तमान में पूर्व में भारतीय सीमा महाकाली नदी तक लगा है। मानसखंड में कैलाश मानसरोवर पर्वत, मेरू, पंचाचूली, लिपुलेख एवं जौहर मुख्य पर्वत हैं। काली कुमाऊं मानसखंड का अंतिम स्थल है। इस क्षेत्र में रामगंगा, सरयू, गोरी, काली नदी, पिंडर, कोसी नदियां हैं।
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