उप जिला अस्पताल में नर्सिंग अफसरों की कमी मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में महज 15 नर्सिंग अफसर तैनात हैं, जबकि 45 बेड के वार्ड, छह ओटी, सात बेड के प्रसव वार्ड और एसएनसीयू के संचालन के लिए कम से कम 25 नर्सिंग कर्मचारियों की जरूरत है।
अस्पताल में तैनात 15 नर्सिंग अफसरों में पांच वरिष्ठ और 10 कनिष्ठ नर्सिंग अफसर हैं। एक पाली में करीब पांच नर्सिंग अफसरों के जिम्मे ओपीडी, वार्ड, ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य व्यवस्थाएं रहती हैं। इसके अलावा अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों के लिए भी वरिष्ठ मेडिकल अफसरों की जरूरत होती है। ऐसे में सीमित स्टाफ पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
नर्सिंग अफसरों की कमी का सबसे अधिक असर ड्यूटी रोस्टर पर पड़ रहा है। किसी नर्सिंग अफसर के डे ऑफ पर होने या अचानक छुट्टी लेने पर उपलब्ध कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालनी पड़ती है। इससे एक साथ ओपीडी, वार्ड, ओटी और प्रसव वार्ड की व्यवस्थाएं संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अस्पताल प्रशासन लंबे समय से अतिरिक्त नर्सिंग अफसरों की नियुक्ति की मांग कर रहा है। क्योंकि कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से मरीजों को बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
नर्सिंग अफसरों की कमी है। नर्सिंग अफसरों की नियुक्ति के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी। डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक