इसके किस्मत का खेल ही कहेंगे, कि एक पती अपनी गर्भवती पत्नी को स्वास्थ्य सुविधा न मिलने पर चारपाई पर लेटाकर उसे कंधे पर रखकर पांच किलोमीटर तक ऊफनाई नदी पार की, लेकिन फिर भी बच्चे की जान नहीं बचा पाया।
स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में गर्भ में पल रहे एक नवजात की जान चली गई। ब्लॉक के मलुवाताल ग्रामसभा के तोक तल्ली कनाली निवासी प्रसव पीड़िता को परिजन और ग्रामीण चारपाई पर लिटाकर उफना रही कलसा नदी को पार कराते हुए छह किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पैदल चलने के बाद हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। लेकिन उनकी सारी मेहनत शासन-प्रशासन की लचर व्यवस्थाओं के आगे बेकार हो गई।
मलुवाताल ग्रामसभा के तोक तल्ली कनाली निवासी किसान कुंवर सिंह गंगोला की पत्नी उमा गंगोला को शुक्रवार तड़के प्रसव पीड़ा उठी। इस तोक से बूढ़ाधूरा तक का सफर पैदल तय करने के साथ ही उफान पर बह रही कलसा नदी को भी पार करना होता है।
संसाधनों के अभाव में परिजनों ने प्रसव पीड़िता को चारपाई पर लिटाकर सुबह पांच बजे तोक से जंगलिया गांव तक का छह किलोमीटर का सफर करीब तीन घंटे में तय किया।
जंगलिया गांव पहुंचकर गर्भवती को वाहन से भीमताल सीएचसी लाया गया। डॉक्टरों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया। एसटीएच पहुंचने पर प्रसव पीड़िता ने मृत पुत्र को जन्म दिया।