उत्तराखंड और यूपी के वन अधिकारियों की टीम अब तक आदमखोर बाघिन को नहीं तलाश सके हैं। अधिकारियों का दावा है कि बाघिन बार्डर क्षेत्र में सक्रिय है और एक दिन में बढ़ापुर से कालागढ़ तक के कई किमी का सफर कर रही है।
अधिकारियों के पास जानकारी नहीं
कई दिनों से शांत बैठी यूपी की आदमखोर बाघिन की लोकेशन को लेकर दोनों राज्यों के वन अधिकारी कुछ खास जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि वह यह भी स्वीकारते हैं कि बाघिन बढ़ापुर से कालागढ़ तक के इलाके में सक्रिय है।
पढ़ें,सीएम राहुल की रैली में बिजी, जनता दरबार स्थगित
दिनभर साहूवाला और बढ़ा़पुर के क्षेत्र में रहने के बाद शाम ढलते ही वह कालागढ़ के कार्बेट इलाके में पहुंच जाती है। दोनों राज्यों के वन अधिकारी और कर्मचारियों की टीमें उसे तलाशने में जुटी हैं।
पढ़ें, 'सतपाल महाराज साथ देते हैं, आशीर्वाद नहीं देते'
अधिकारियों को यह भी डर सता रहा है कि कहीं इस बीच वह किसी और को निवाला न बना डाले।
चल रही है बाघिन की खोज
यूपी के एसीएफ सलिल कुमार शुक्ला ने शनिवार को दावा किया कि बाघिन साहूवाला रेंज के जंगलों से होकर कालागढ़ के जंगलों की पहाड़ियों पर चली जाती है। साहूवाला के वन क्षेत्र से लगी आबादी में बाघिन की खोज का काम तेजी से चल रहा है।
उधर, कालागढ़ के उपप्रभागीय वनाधिकारी केएस रावत का कहना है कि बाघिन उनके इलाके में नहीं है। सैडिल बांध और रामगंगा बांध के इलाके में बाघ और बाघिन की उपस्थिति है, पर वे आदमखोर नहीं हैं।