पिथौरागढ़ के ऊपरी रामगंगा घाटी में लोगों के लिए आतंक बने नरभक्षी तेंदुए को आखिरकार शिकारियों ने शनिवार की रात मार गिराया।
आदमखोर को मारने के लिए की नाकेबंदी
नरभक्षी को मारने के लिए उन्होंने शनिवार शाम दिगौटी गांव के पास मचान बनाकर वहां एक बकरी बांध दी थी। रात करीब 8.45 बजे तेंदुए ने जैसे ही बकरी पर हमला किया, शिकारियों ने उस पर लगातार चार फायर झोंक दिए और तेंदुआ ढेर हो गया। यह मादा तेंदुआ था और इसकी लंबाई करीब साढ़े सात फीट थी।
आदमखोर को मारने के लिए शिकारियों ने शनिवार को पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी थी। जिस स्थान पर मचान लगाया गया था उस रास्ते से लोगों की आवाजाही शाम से रोक दी गई थी क्योंकि इसी इलाके के पाली, नाली और बेस गांव में सुबह तेंदुआ आबादी में घुस गया था।
सूचना मिलने पर शिकारी लखपत सिंह, मि. जॉय रिकिल, हरीश और दयाल वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। डिप्टी रेंजर देवेंद्र कुमार राय का दावा है कि तीन दिन पूर्व जिस तेंदुए ने मुवानी के निकट मुगरौली गांव में रमेश सिंह को मारा था वह यही है।
तब से इस तेंदुए ने इलाका नहीं छोड़ा था। तेंदुए की लाश पोस्टमार्टम के लिए डीडीहाट ले जाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में यही नरभक्षी तेंदुआ है तो यह बड़ी राहत की बात है क्योंकि दिसंबर 2012 से अब तक तेंदुआ इस इलाके में 14 लोगों को मार चुका था।