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देहरादून में लाखों के गहने ठगने वाले मामा-भांजे कानपुर से गिरफ्तार, ऐसे बनाया था शिकार

Mon, 25 Mar 2019 08:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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ठगी के आरोपी मामा-भांजा गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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बीमार पति को ठीक करने का झांसा देकर लाखों के जेवर ठगने वाले मामा और भांजे को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। रायबरेली के दोनों आरोपी देहरादून से ठगे गए जेवरात को कानपुर बेचने पहुंचे थे। आरोपियों के पास से जेवर बरामद हो गए हैं। आरोपियों के खिलाफ रायबरेली और लखनऊ में भी ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। 

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि नेहरू कॉलोनी निवासी देवेश्वरी फोनिया 15 मार्च को अपने बीमार पति बख्तावर सिंह को फिजियोथेरेपी कराने ले गई थीं। इसी दौरान दो लोगों ने बीमार पति को ठीक कराने का झांसा देकर उनके जेवरात उतरवा लिए थे। बाद में बड़ी सफाई से जेवरात का लिफाफा बदलकर आरोपी फरार हो गए थे। महिला ने घर जाकर लिफाफा खोला तो उसे ठगी का अहसास हुआ।

एसएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर एसओ दिलबर नेगी की अगुवाई में टीम गठित की गई थी। पड़ताल में जुटी पुलिस टीम ने 24 मार्च को रहमत अली उर्फ  मन्नान वारसी और उसके भांजे असगर निवासी कुंदनगंज थाना बछरावां जिला रायबरेली को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर एक मंगलसूत्र, एक सोने का कड़ा, दो चूड़ियां, दो अंगूठियां, एक जोड़ी बालियां और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई है।

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कार नंबर से पकड़ में आए ठग
पुलिस ने ठगी के घटनास्थल के आसपास से सीसीटीवी कैमरे के फुटेज का निरीक्षण किया था। इसी दौरान कार का नंबर पुलिस के हाथ आ गया था। कार के नंबर के सहारे पुलिस टीम लखनऊ तक पहुंच गई। लखनऊ आरटीओ से पता मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। पड़ताल के बीच पता चला कि दोनों ठग जेवरात को बेचने कानपुर गए हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।  

हरिद्वार में हुआ था प्रयास विफल
पुलिस के अनुसार रायबरेली के दोनों आरोपी लंबे समय से ठगी के धंधे में सक्रिय हैं। आरोपी 12 मार्च को लखनऊ से 13 मार्च की शाम हरिद्वार पहुंचे थे। होटल में रात बिताने के बाद 14 मार्च को हरिद्वार में ठगी का प्रयास किया था, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए थे। 15 मार्च की सुबह वे कार से देहरादून आ गए। नेहरू कॉलोनी में कार को सड़क किनारे खड़ी कर शिकार की तलाश में लग गए। काफी देर के बाद पीड़ित महिला मिली। पति की बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला के तमाम जेवरात उतरवा लिए थे। पुलिस ने बताया कि इनके खिलाफ रायबरेली और लखनऊ में ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। 

पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
एसएसपी ने अनावरण टीम में शामिल नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेश शाह, उप निरीक्षक सुनील पंवार, कांस्टेबल दीप प्रकाश, गंभीर, विजय, मनमोहन, एसओजी कांस्टेबल आशीष और प्रमोद आदि को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। 
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