गुजराती किट्स की तरह जिला प्रशासन ने भी राहत सामग्री की किट्स बनवानी शुरु कर दी है। एक किट में इतना राशन रखा जा रहा है कि एक छोटे परिवार का दाना-पानी आराम से एक हफ्ते तक चल जाएगा।
जिस राहत सामग्री की आपदाग्रस्त क्षेत्र में जरुरत नहीं उसे समाज सेवी संस्थानों को देने की योजना पर प्रशासन विचार कर रहा है।
पानी की बोतलें, बिस्कुट नहीं भेजी जा रही
आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पानी की बोतलें, बिस्कुट आदि सामान नहीं भेजा जा रहा है। उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रिजेंटेटिव्ज एसोसिएशन की बैठक में कहा गया कि संगठन का दल आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जाएगा और पीड़ितों को खाद्य सामग्री, दवाएं और कंबल मुहैया कराएगा।