आबकारी आयुक्त ने जिला आबकारी अधिकारियों (डीईओ) को शराब की ओवरेटिंग रोकने के लिए कार्ययोजना बनाने के आदेश दिए हैं। कहा कि जो शिकायतें मिलती हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही जिले में कम से कम 10 फीसदी दुकानों का निरीक्षण अवश्य किया जाए।
उन्होंने आयुक्तालय में टोल फ्री नंबर सुचारु करने के निर्देश भी दिए। मंगलवार को आबकारी आयुक्त हरीश चंद सेमवार की अध्यक्षता में गत तीन वित्तीय वर्षों के सापेक्ष देय और प्राप्त राजस्व की समीक्षा की गई थी। इसके साथ ही दुकानों के व्यवस्थापन की समीक्षा भी की गई। इस दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि जो दुकानें व्यवस्थापित नहीं हो पाई हैं, उनके लिए तीन दिन के भीतर ऑफर मांगे जाएं। ताकि, उनका व्यवस्थापन जल्द से जल्द किया जा सके। उन्होंने प्रवर्तन कार्यों, मासिक प्रतिवेदन, अदालतों में लंबित मुकदमों की अपडेट लेने को कहा।
आयुक्त ने कहा कि लगातार ओवररेटिंग की शिकायतें आ रही, लेकिन इनके सापेक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने नाराजगी भी व्यक्त की। आयुक्त ने ओवररेटिंग पर कार्रवाई के लिए सभी जिला आबकारी अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। आबकारी अधिकारियों को दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के सरकारी राजस्व को प्राथमिकता के साथ जमा करवाने के निर्देश दिए गए। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की आयुक्त ने चेतावनी दी।