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उत्तराखंड में कांग्रेस के बाद अब भाजपा 'टूटने' की कगार पर!

Mon, 13 Jun 2016 11:18 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
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पीएम मोदी - फोटो : file photo
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कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाय पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और चुनावों में प्रत्याशियों की राह में मुश्किल खड़ी करने वालों को विभिन्न मोर्चों में महत्वपूर्ण पद देने को लेकर उत्तराखंड भाजपा में कलह शुरू हो गई है।
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राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में देहरादून आए प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू से पार्टी के लगभग दर्जन भर विधायकों ने ऐसी शिकायतें कीं। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के कुछ नेताओं के वरद हस्त होने से यह मनमानी हो रही है।

शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने राज्यसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के बाद पार्टी के विधायकों से बातचीत की थी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूद चार-पांच विधायकों को छोड़ बाकी सभी ने एक सुर में अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे लोगों के नाम गिनाने शुरू किए, जिन्होंने चुनाव जीतने की राह में तमाम अड़चनें खड़ी कीं।
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सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा

अजय भट्ट - फोटो : अमरउजाला
तमाम उदाहरण भी बताए गए कि जब इन लोगों ने पार्टी के निर्णयों की मुखालफत की और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हुए।

यह भी बताया कि किस तरह से हाल ही में गठित हुए किसान मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग, युवा मोर्चा आदि में इन्हीं लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया गया।

विधायकों ने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। इस बाबत जब प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की जाती है तो राष्ट्रीय नेताओं के पाले में गेंद डाल दी जाती हैं। कई बार तो पदाधिकारियों के संबंध में यहां से भेजी गई सूची में दिल्ली से फेरबदल होने की बात बता दी जाती है।

गौरतलब है कि भाजपा से बगावत करने वाले भीमलाल और दान सिंह भंडारी के मामलों में भी ऐसी ही शिकायतों की अनदेखी की बात सामने आई है। इधर विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती देख जल्द ही कोई बड़ा फैसला संभावित है।
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