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हरिद्वार में जाम ने रुलाया, तीन घंटे में तय हुआ एक किमी का सफर

Sun, 12 Jun 2016 09:09 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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jam in haridwar
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हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने दावा तो बेहतर कार्ययोजना बनाकर श्रद्धालुओं को राहत दिलाने का किया था, लेकिन रविवार को उमड़ी भारी भीड़ और अनवरत चल रही वाहनों की लंबी लाइन ने पुलिस के सारे प्रयोग फेल कर दिए।
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बहादराबाद से लेकर सप्तऋषि तक कहीं भी ऐसा नहीं था जहां जाम न लगा हो। भीषण गर्मी और चिचिलाती धूप में श्रद्धालु बिलबिला उठे। पुलिस ने हाइवे पर राहत देने के लिए कई प्रयोग किए, लेकिन वह और ज्यादा कष्टकारी साबित हुए। देर शाम तक पुलिस जाम खुलवाने के लिए जूझती रही।

शनिवार को हाइवे पर लगा जाम देर रात खुला भी नहीं था कि सुबह आठ बजे से ही हाइवे फिर जाम हो गया। देहरादून की तरफ से आने वाले और दिल्ली मेरठ से हरिद्वार की तरफ आ रहे वाहनों की संख्या के आगे धर्मनगरी की सड़कें व पार्किंग स्थल छोटे पड़ गए।
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पुलिस प्रशासन की ओर से आज पूरा अमला सड़क पर था। नई कार्ययोजना के तहत रोडवेज की बसें और छोटे वाहनों को हाइवे के बजाय ज्वालापुर हरिद्वार मार्ग से निकाला गया। इससे हाइवे पर तो बहुत राहत नहीं मिली, लेकिन शहर के भीतर आफत आ गई।

ऋषिकुल तिराहे, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक व शंकर आश्रम पर इन वाहनों की वजह से लगा जाम घंटों तक नहीं खुल सका। हाइवे पर तो एक एक किलोमीटर की दूरी तीन घंटे में भी पार नहीं हो सकी। एसएसपी राजीव स्वरूप, एसपी सिटी नवनीत भुल्लर, सीओ सिटी प्रकाश देवली समेत अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी जाम से जूझते दिखे।

सीएम के कार्यक्रम में भी नहीं पहुंच पाए कांग्रेसी
ज्वालापुर से कांग्रेस के कई कार्यकर्ता उत्तरी हरिद्वार स्थित हरिसेवा आश्रम में चल रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कार से रवाना हुए। लेकिन मध्य हरिद्वार में ही जाम का आलम देखकर उनका हौंसला जवाब दे गया और वह उत्तरी हरिद्वार जाने के बजाय वापस लौट आए।

बाद में ये कार्यकर्ता शिवालिकनगर में दिवंगत लेफ्टिनेंट कर्नल रंजीत सिंह पंवार को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने बताया कि उनके अलावा कई अन्य कार्यकर्ता जाम के चलते उत्तरी हरिद्वार नहीं पहुंच पाए।
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कॉलोनी की सड़कें बन गई पार्किंग

jam in haridwar
हाइवे पर जाम का आलम ऐसा था कि बड़ी संख्या में जब हाइवे पर अपनी गाड़ी नहीं चला पा रहे थे तो इंतजार करने के लिए उन्होंने शहर का रुख किया। हाइवे से सटी कॉलोनियों में गाडिय़ां खड़ी कर काफी देर तक यातायात सामान्य होने का इंतजार करते रहे। गोविंदपुरी, मध्य हरिद्वार, आवास विकास आदि कॉलोनियों में ऐसे सैकड़ों वाहन खड़े दिखाई दिए।

सूना पड़ा रहा हिल बाइपास मार्ग
करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए हिल बाइपास मार्ग को खोले जाने की जरूरत इन दिनों बहुत महसूस की जा रही है। प्रशासन की तरफ से भी वन विभाग के स्थानीय और शासन में बैठे अधिकारियों को पत्र भेजकर व व्यक्तिगत तौर पर संपर्क किया गया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने हिल बाइपास मार्ग का फाटक नहीं खोला। प्रतिबंधित पार्क क्षेत्र में लगी मानवीय रोक को देखते हुए गेट को नहीं खोला जाता है।

रविवार को जब शहर में वाहनों की भरमार थी, तब भी हिल बाइपास मार्ग खाली पड़ा रहा। लोग इस मार्ग से जल्दी निकलने के चक्कर में बंद पड़े फाटक तक पहंचे, लेकिन वहां उन्हें निराशा ही मिली। लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे कुछ वाहन चालकों ने पार्क के बंद पड़े फाटक पर तैनात कर्मचारी पर पैसे लेकर वाहन निकालने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

उनका कहना था कि वैसे तो वाहनों को इस रास्ते से गुजरने नहीं दिया जा रहा है, मगर कर्मचारी पैसे लेकर लोगों को निकाल रहा है। कुछ मीडियाकर्मियों ने पैसे लेते हुए फोटो ग्राफी कर ली तो वहां तैनात युवक गलती हो गई और माफ कर दीजिये जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए गिड़गिड़ाने लगा। काफी देर तक हंगामे के बाद श्रद्धालु वापस लौट गए।

हिल बाइपास खुलवाने को सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
श्रद्धालुओं से खचाखच भरे हरिद्वार में दम तोड़ती यातायात व्यवस्था का मुद्दा हरिसेवा आश्रम में भाग लेने आए मुख्यमंत्री हरीश रावत तक भी पहुंचा। पत्रकारों ने जब सीएम का ध्यान शहर के जाम और खाली पड़े हिलबाइपास की तरफ दिलाया तो मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरतापूर्वक लिया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये लगाकर भी इस मार्ग का काम नहीं आना गंभीर विषय है, सरकार सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। जिससे इस मार्ग को नियमित रूप से खुलवाया जा सके।
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