हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने दावा तो बेहतर कार्ययोजना बनाकर श्रद्धालुओं को राहत दिलाने का किया था, लेकिन रविवार को उमड़ी भारी भीड़ और अनवरत चल रही वाहनों की लंबी लाइन ने पुलिस के सारे प्रयोग फेल कर दिए।
बहादराबाद से लेकर सप्तऋषि तक कहीं भी ऐसा नहीं था जहां जाम न लगा हो। भीषण गर्मी और चिचिलाती धूप में श्रद्धालु बिलबिला उठे। पुलिस ने हाइवे पर राहत देने के लिए कई प्रयोग किए, लेकिन वह और ज्यादा कष्टकारी साबित हुए। देर शाम तक पुलिस जाम खुलवाने के लिए जूझती रही।
शनिवार को हाइवे पर लगा जाम देर रात खुला भी नहीं था कि सुबह आठ बजे से ही हाइवे फिर जाम हो गया। देहरादून की तरफ से आने वाले और दिल्ली मेरठ से हरिद्वार की तरफ आ रहे वाहनों की संख्या के आगे धर्मनगरी की सड़कें व पार्किंग स्थल छोटे पड़ गए।
पुलिस प्रशासन की ओर से आज पूरा अमला सड़क पर था। नई कार्ययोजना के तहत रोडवेज की बसें और छोटे वाहनों को हाइवे के बजाय ज्वालापुर हरिद्वार मार्ग से निकाला गया। इससे हाइवे पर तो बहुत राहत नहीं मिली, लेकिन शहर के भीतर आफत आ गई।
ऋषिकुल तिराहे, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक व शंकर आश्रम पर इन वाहनों की वजह से लगा जाम घंटों तक नहीं खुल सका। हाइवे पर तो एक एक किलोमीटर की दूरी तीन घंटे में भी पार नहीं हो सकी। एसएसपी राजीव स्वरूप, एसपी सिटी नवनीत भुल्लर, सीओ सिटी प्रकाश देवली समेत अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी जाम से जूझते दिखे।
सीएम के कार्यक्रम में भी नहीं पहुंच पाए कांग्रेसी
ज्वालापुर से कांग्रेस के कई कार्यकर्ता उत्तरी हरिद्वार स्थित हरिसेवा आश्रम में चल रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कार से रवाना हुए। लेकिन मध्य हरिद्वार में ही जाम का आलम देखकर उनका हौंसला जवाब दे गया और वह उत्तरी हरिद्वार जाने के बजाय वापस लौट आए।
बाद में ये कार्यकर्ता शिवालिकनगर में दिवंगत लेफ्टिनेंट कर्नल रंजीत सिंह पंवार को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने बताया कि उनके अलावा कई अन्य कार्यकर्ता जाम के चलते उत्तरी हरिद्वार नहीं पहुंच पाए।