राहत पुनर्वास के काम में बाधा
यह ताकतें नहीं चाहती कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के काम हों और हमारी सामरिक ताकत मजबूत हो। लोगों के दिल में चीन संघर्ष के दौरान इनके राष्ट्र विरोधी कारनामे आज भी मौजूद हैं। लिहाजा देवभूमि की राष्ट्रवादी जनता इनके छलावे में नहीं आने वाली है।
प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि यह ऐसी पहली सरकार है जो विस्थापन के सर्वश्रेष्ठ विकल्पों के अमल में प्रभावित पक्षों से सुझाव ले रही है। वहीं, हिंदी-चीनी भाई-भाई के नारे लगाने वाले स्थानीय लोगों को भड़का कर राहत पुनर्वास के काम में बाधा डाल रहे हैं।
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उन्होंने धामी सरकार का आपदा प्रभावितों को पुनर्वास की दृष्टि से तीन विकल्प देने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज हमारे लिए स्थानीय लोगों के व्यवसाय व रोजगार को बचाने के लिए पर्यटन गतिविधियों, वर्तमान शीतकालीन एवं आगामी चारधाम यात्रा को इस संकट से बचाते हुए सुचारु रखना प्राथमिकता में है। केंद्रीय विशेषज्ञ एजेंसियां रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। स्वयं प्रधानमंत्री मोदी राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।