उन्होंने साफ किया कि क्या होता है जब एक बड़े दल का नेता आता है। सहयोगी दल का नेता कहता है कि हम इनके साथ हैं। ये दस्तखत हैं। अजीत पवार कोई छोटा नेता नहीं हैं। मैंने उन्हें समय दिया, बहुमत सिद्ध करो। हो सकता है समय ज्यादा रहा होगा, कोर्ट ने कहा कम करो।
विवादित बयानों पर कोश्यारी ने कहा कि हो सकता है मेरा बयान समीचीन नहीं रहा। गृह मंत्री का उस बयान आ गया कि संयम बरतना चाहिए। लेकिन बाद के विवाद में भाजपा के किनारा करने और उन पर दबाव होने के सवाल पर कोश्यारी ने कहा कि भगत सिंह पर कभी कोई दबाव देखा। उन्होंने कहा कि मैं भी परफेक्ट नहीं हूं।