- जूना के तीन अखाड़े (अग्नि, आह्वान और जूना)
- श्री निरंजनी के दो अखाड़े (आनंद और निरंजनी)
- महा निर्वाणी के दो अखाड़े (अटल और निर्वाणी)
- बड़ा अखाड़ा
- नया अखाड़ा
- निर्मल अखाड़ा
बैरागी वैष्णव संप्रदाय के तीन अखाड़े
- श्री दिगंबर अणि अखाड़ा
- श्री निर्वाणी अणि अखाड़ा
- श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़ा
ऐसी कोई परंपरा नहीं कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की कुर्सी खाली होने तक तत्काल उसमें ताजपोशी की जाए। जहां तक परिषद के नए अध्यक्ष के चयन का सवाल है, अखाड़ों के संतों से वार्ता और सभी को विश्वास में लेकर फैसला होगा। अध्यक्ष चयन में बैरागी अखाड़ों के संतों की भागीदारी के मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस मामले पर भी संत ही सामूहिक फैसला करेंगे।
- श्रीमहंत हरिगिरि, अखाड़ा परिषद महामंत्री
अभी इस मामले पर कोई टिप्पणी न किया जाए तो अच्छा है। कुछ देर बाद इस मामले में बात करेंगे।
- राजेंद्र दास, अध्यक्ष श्री निर्वाणी अखाड़ा
सभी 13 अखाड़े परिषद के अध्यक्ष का चयन करते हैं। प्रयागराज कुंभ 2024 में होना है। इसलिए जल्दबाजी ठीक नहीं है। वैसे भी हरिद्वार कुंभ के दौरान बैरागियों के अखाड़ों के अलग होने के बाद अखाड़ा परिषद रहा कहां।
- रामकिशोर दास, अध्यक्ष श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़ा