कहा कि पादुकोण को जेएनयू जाने या अन्य राजनीतिक विवादों से बचना चाहिए। जेएनयू के कुछ छात्रों ने कभी देश में अनुच्छेद 370, जम्मू कश्मीर, लद्दाख के साथ राम मंदिर पर आए निर्णय का स्वागत नहीं किया है, बल्कि देश की जनता को बहकाने का काम अवश्य किया है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षण संस्थान में देश विरोधी विचारधारा कभी पनपनी नहीं चाहिए। महंत लोकेश दास ने सीएए पर बोलते हुए कहा इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि देश के नागरिक की नागरिकता पर कोई खतरा हो। यह केवल विदेशी नागरिकों की नागरिकता के लिए बनाया गया कानून है।