अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में पलायन से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कश्मीर से भी गंभीर हालात हो सकते हैं। सरकार को चाहिए कि उत्तराखंड के चीन से लगे हुए सीमा क्षेत्र में नए-नए संस्थान और विश्वविद्यालय खोलें और उद्योग लगाएं।
वरना इस क्षेत्र में कभी भी घुसपैठ हो सकता है। छड़ी यात्रा के दौरान देखे जा रहे हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने उत्तराखंड में खाली हो रहे गांवों को पुनर्वासित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी करार दिया।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यह तथ्य सामने आ रहे हैं कि उत्तराखंड में पलायन गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकार को सुनियोजित विकास की सलाह दी। कहा कि पहाड़ के प्रतिभावान युवक बेहतर करियर पाने के बाद अपने गांव की तरफ नहीं लौटना चाहते, क्योंकि उन्हें वहां सकारात्मक माहौल नहीं मिलता।
जरूरत इस बात की है कि जो सुविधाएं हरिद्वार, दिल्ली, नोएडा सहित देश के अन्य हिस्सों में मिल रही हैं, वह सीमावर्ती क्षेत्रों में मुहैया कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अखाड़ा परिषद और पूरा संत समाज भी सरकार के साथ है।