अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने हरिद्वार कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान पंजीकरण की व्यवस्था की क्या जरूरत है। यह श्रद्धालु की मर्जी है कि वह स्नान करे, संतों के दर्शन या मंदिरों में दर्शन कर घर जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बंदिशें लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कुंभ में शिविर भी लगाए जाएंगे और महामंडलेश्वर नगर भी बसेगा। वे आज मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद इस विषय को उनके समक्ष रखेंगे।
मंहत नरेंद्र गिरि ने कहा मेलाधिकारी दीपक रावत और अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने शनिवार को उनसे मुलाकात की। नरेंद्र गिरि ने दावा किया कि उन्होंने कुंभ में साधु-संतों के शिविरों के लिए भूमि आवंटन और व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी तो मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ के आयोजन को लेकर उनके हाथ बंधे हैं। फिलहाल अस्थायी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शिविरों की व्यवस्थाएं शासन के निर्देश मिलने के बाद की जाएंगी।
कहा कि उन्होंने मेलाधिकारी से साफ कहा है कि कुंभ में सभी 13 अखाड़ों के संत और महापुरुषों के शिविर लगते हैं। शिविरों में सभी संत और महंत राष्ट्र की एकता व अखंडता को कायम रखने के लिए रात दिन ईश्वर के नाम का जप करते हैं। 2010 के कुंभ मेले की तर्ज पर ही यह कुंभ भी संपन्न होगा। बाहर से नागा संन्यासी और खालसे भी हरिद्वार आएंगे। कमरे में कुंभ नहीं होगा। सभी संन्यासी अखाड़ों और वैष्णव अखाड़ों के संतों के निवास के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भी मंहत नरेंद्र गिरि से मुलाकात की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि तंबू और छावनी लगाने पर कोई रोक नहीं है। पंजीकरण की व्यवस्था केवल मुख्य स्नान पर्वों पर रहेगी। मेलाधिकारी का पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से जारी होने वाली कोविड की एसओपी को लेकर अपनी बात अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के समक्ष रखी होगी। वहीं, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने भी कोविड के घटते मामलों का हवाला दिया।
पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से है लागू
आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से प्रदेश में लागू है। अन्य राज्यों से व्यवस्था पालन के लिए अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को लेकर भी एसओपी अगले एक दो दिन में जारी कर दी जाएगी। पर्व स्नान की व्यवस्था के लिए तीन कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स पहुंच गई है। दो कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स कल तक पहुंच जाएगी।