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Haridwar Kumbh Mela 2021: व्यापारी बोले, कोविड निगेटिव रिपोर्ट समाधान नहीं, एसओपी में बदलाव नहीं हुआ तो करेंगे विरोध

Wed, 27 Jan 2021 11:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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महाकुंभ 2021 की एअसोपी पर धर्मनगरी के व्यापारियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। व्यापारियों ने कुंभ के आयोजन को लेकर सरकार और प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाया है। व्यापारियों ने कहा कि राजनीतिक रैलियों, प्रदर्शनों और पर्यटन पर निर्भर देश के अन्य राज्यों के शहरों में जब कोविड सामान्य एसओपी का पालन कराया जा रहा है तो केवल महाकुुंभ पर पहरा क्यों लगाया जा रहा है। व्यापारियों ने साफ कह दिया है कि यदि कोविड रिपोर्ट की बाध्यता का फैसला वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी वर्ग सरकार और प्रशासन का खुलकर विरोध करेगा।  

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एसओपी की आड़ में केवल सांकेतिक तौर पर कुंभ के आयोजन का षड्यंत्र रचा जा रहा है। राजीनीतिक रैलियों और किसान आंदोलन को लेकर एसओपी क्यों जारी नहीं की जाती हैं। व्यापारी शारीरिक दूरी और सैनिटाइजेशन जैसे कोविड नियमों का पालन कर रहे हैं। सरकार ने करोड़ों लोगों की आस्था पर प्रश्नचिह्न लगाया है। 
- संजीव नैयर, जिला महामंत्री, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल   

यात्रियों के कुंभ में कोविड रिपोर्ट लेकर आने की बाध्यता को समाप्त किया जाए। बाध्यता की बजाय सरकार और प्रशासन भीड़ प्रबंधन, शारीरिक दूरी, मास्क के प्रयोग को लेकर ठोस व्यवस्था तैयार करें। यदि एसओपी में बदलाव नहीं किया गया तो व्यापारी प्रतिष्ठानों की तालाबंदी को मजबूर होंगे।
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- सुनील सेठी, महानगर व्यापार मंडल

व्यापारी को महाकुंभ के आयोजन से बड़ी आस रहती है। व्यापारियों को आर्थिक संकट से उभारने के लिए कुंभ का भव्य आयोजन बहुत जरूरी है। श्रद्धालु पूर्व की भांति बिना किसी डर और हिचक के कुंभ स्नान के लिए धर्मनगरी आए इसके लिए कोविड रिपोर्ट की बाध्यता को समाप्त करना होगा। 
- विशाल गर्ग, जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल

सरकार कुंभ के आयोजन को लेकर अपनी नीयत और नीति दोनों को साफ करे। मुंबई, गोवा और देश के अन्य पर्यटन शहरों के लिए कोई अलग से एसओपी जारी नहीं की गई है। कुंभ को सीमित ही करना था तो फिर मेला कार्यों में करोड़ों का बजट क्यों खर्च किया। होटल व्यवसायी एसओपी का विरोध करेगा। 
- आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष, हरिद्वार होटल एसोसिएशन 

होटल व्यवसायी कोविड नियमों का पूरी सख्ती के साथ पालन कर रहे हैं। ऐसे में कुंभ के लिए अलग से एसओपी जारी करने का कोई औचित्य नहीं है। यह सब कुंभ के आयोजन को नाकाम करने की सोच समझी योजना के तहत किया जा रहा है। कोविड रिपोर्ट की बाध्यता समाप्त नहीं की गई तो विरोध किया जाएगा।
- कुलदीप कुमार, अध्यक्ष, बजट होटल एसोसिएशन

हर बार सरकार की मनमानी बरदाश्त नहीं की जाएगी। कोविड रिपोर्ट की बाध्यता के चलते श्रद्धालु कुंभ स्नान के लिए आने से पहले दस बार सोचेगा। सरकार को यदि सांकेतिक कुंभ का आयोजन करना तो साफ क्यों नहीं कहती है। यदि कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता के फैसले का वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी वर्ग एकजुट होकर विरोध करेगा।  
- शिवकुमार कश्यप, जिलाध्यक्ष, प्रदेश व्यापार मंडल

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सुरक्षा जरूरी, पर 72 घंटे पहले की नेगेटिव रिपोर्ट समाधान नहीं

रुड़की में व्यापारियों का कहना है कि कोरोना काल में पहले ही बहुत नुकसान हो गया है। अब ऐसी बंदिशें लगाना व्यापारियों के हित में नहीं है। कुंभ में सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए, पर 72 घंटे पहले की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट इसका समाधान नहीं है। इससे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आएगी और व्यापारी वर्ग को नुकसान उठाना पड़ेगा। व्यापारियों ने एसओपी में बदलाव कर बॉर्डर पर कोरोना जांच और वैक्सीनेशन की व्यवस्था करने की मांग की है।

सरकार की ओर से कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटे की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आने का जो आदेश जारी किया गया है, उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कोविड से पहले ही व्यापारी वर्ग को बहुत नुकसान हो चुका है। अब कुंभ से व्यापारियों को उम्मीद है।
-नवीन गुलाटी, व्यापारी नेता

कुंभ के लिए जो एसओपी जारी की गई है, वह व्यापारियों के हित में नहीं है। कोई महाराष्ट्र से आ रहा है तो ट्रेन से उसे यहां आने में तीन दिन लगेंगे। ऐसे में 72 घंटे की रिपोर्ट का कोई औचित्य ही नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह बॉर्डर पर ही जांच की व्यवस्था करे।
-अरविंद कश्यप, व्यापारी नेता

कोरोना से व्यापारी वर्ग आर्थिक रूप से टूट चुका है। अब हरिद्वार कुंभ से व्यापार पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है, लेकिन कुंभ के लिए जारी एसओपी व्यापारी वर्ग के हित में नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह बॉर्डर पर कोरोना जांच और वैक्सीनेशन की व्यवस्था करे।
-हरदीप सिंह उर्फ सन्नी, व्यापारी

सरकार ने जो एसओपी जारी की है, उसका विरोध किया जाएगा। कोई व्यक्ति अगर तीन या चार दिन का सफर कर आ रहा है तो उसकी रिपोर्ट का क्या फायदा। इसलिए सरकार को कुंभ क्षेत्र में शिविर लगाकर जांच की व्यवस्था करनी चाहिए। बॉर्डर पर भी ऐसी व्यवस्था की जाए।
-कमल चावला, व्यापारी

सरकार ने जो एसओपी जारी की है, वह गलत है। जिस तरह कांवड़ यात्रा रद्द की थी, उसी तरह कुंभ को भी स्थगित किया जा सकता था। जो महामंडलेश्वर हैं, वह विधिविधान से कुंभ में पूूजा अर्चना करते, यही सही होता। इससे उनकी आस्था भी रह जाती और कुंभ भी हो जाता।
-गगन आहूजा, व्यापारी 
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