रुड़की में व्यापारियों का कहना है कि कोरोना काल में पहले ही बहुत नुकसान हो गया है। अब ऐसी बंदिशें लगाना व्यापारियों के हित में नहीं है। कुंभ में सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए, पर 72 घंटे पहले की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट इसका समाधान नहीं है। इससे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आएगी और व्यापारी वर्ग को नुकसान उठाना पड़ेगा। व्यापारियों ने एसओपी में बदलाव कर बॉर्डर पर कोरोना जांच और वैक्सीनेशन की व्यवस्था करने की मांग की है।
सरकार की ओर से कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटे की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आने का जो आदेश जारी किया गया है, उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कोविड से पहले ही व्यापारी वर्ग को बहुत नुकसान हो चुका है। अब कुंभ से व्यापारियों को उम्मीद है।
-नवीन गुलाटी, व्यापारी नेता
कुंभ के लिए जो एसओपी जारी की गई है, वह व्यापारियों के हित में नहीं है। कोई महाराष्ट्र से आ रहा है तो ट्रेन से उसे यहां आने में तीन दिन लगेंगे। ऐसे में 72 घंटे की रिपोर्ट का कोई औचित्य ही नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह बॉर्डर पर ही जांच की व्यवस्था करे।
-अरविंद कश्यप, व्यापारी नेता
कोरोना से व्यापारी वर्ग आर्थिक रूप से टूट चुका है। अब हरिद्वार कुंभ से व्यापार पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है, लेकिन कुंभ के लिए जारी एसओपी व्यापारी वर्ग के हित में नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह बॉर्डर पर कोरोना जांच और वैक्सीनेशन की व्यवस्था करे।
-हरदीप सिंह उर्फ सन्नी, व्यापारी
सरकार ने जो एसओपी जारी की है, उसका विरोध किया जाएगा। कोई व्यक्ति अगर तीन या चार दिन का सफर कर आ रहा है तो उसकी रिपोर्ट का क्या फायदा। इसलिए सरकार को कुंभ क्षेत्र में शिविर लगाकर जांच की व्यवस्था करनी चाहिए। बॉर्डर पर भी ऐसी व्यवस्था की जाए।
-कमल चावला, व्यापारी
सरकार ने जो एसओपी जारी की है, वह गलत है। जिस तरह कांवड़ यात्रा रद्द की थी, उसी तरह कुंभ को भी स्थगित किया जा सकता था। जो महामंडलेश्वर हैं, वह विधिविधान से कुंभ में पूूजा अर्चना करते, यही सही होता। इससे उनकी आस्था भी रह जाती और कुंभ भी हो जाता।
-गगन आहूजा, व्यापारी