सहसपुर क्षेत्र में हाईवे के किनारे मदरसे के निर्माण का मुद्दा गरमा गया है। मदरसा परिसर में ही में मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है और पानी की टंकी भी बनाई गई है। शिकायतों का संज्ञान लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराने पर संचालकों को दोबारा नोटिस जारी किया है। वहीं, तहसील प्रशासन भी निर्माण की जांच में जुट गया है। भूमि पैमाइश और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
लोगों का आरोप है कि मदरसे का निर्माण पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखकर किया गया है। एमडीडीए से की गई शिकायत में बताया गया कि बरसाती नदी की जमीन पर कब्जा कर गैरकानूनी तरीके से मदरसे का निर्माण किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ऐसे धार्मिक स्थलों का निर्माण बगैर डीएम से अनुमति लिए नहीं किया जा सकता। इसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी मौके पर पहुंचे और भवन की जमीन की जांच की। इसकी रिपोर्ट अभी प्रशासनिक अफसरों को नहीं सौंपी गई है। यह भी बताया गया कि मदरसे में बनाई गई मस्जिद पर लाउडस्पीकर भी लगाया गया था जिसे प्रशासनिक टीम ने उतरवा दिया है। वहीं, इस निर्माण के लिए नक्शा भी पास नहीं कराने की बात सामने आई है। इस पर एमडीडीए ने मदरसा प्रबंधकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नक्शा नहीं दे पाए तो बढ़ेगी मुश्किल
मदरसा संचालकों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। लेकिन, कोई जवाब नहीं दे सके। उनकी ओर से मदरसे का कोई नक्शा भी नहीं दिखाया गया। ऐसे में एमडीडीए ने फिर से नोटिस भेजा है। अगर मदरसा संचालक सटीक जवाब और नक्शा नहीं दिखा सके तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सहसपुर में मदरसे को गैरकानूनी तौर पर बनाने की शिकायत आई थी। तब, एमडीडीए की ओर से मदरसा संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, कोई जवाब नहीं आने पर दोबारा नोटिस जारी किया गया है।
-बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए