फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धामी सरकार का फैसला: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण शुरू; नई शिक्षा व्यवस्था लागू

Wed, 01 Jul 2026 06:15 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई व्यवस्था का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह फैसला किसी समुदाय की पहचान या परंपरा को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों के बच्चों को बेहतर और समान शैक्षणिक अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है
विज्ञापन
सीएम धामी - फोटो : सूचना
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। जो केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है।

विज्ञापन


सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा, वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखंड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के साथ ही विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था
उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा। आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें। मुख्यमंत्री ने इससे पहले अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के बच्चों को एनसीईआरटी की पुस्तकें दी। 

ये भी पढे़ं...Uttarkashi:  हर्षिल पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, भागीरथी के बढ़ते जलस्तर से दहशत, पांच रातों से सोए नहीं गांव के लोग

धामी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, वर्ष 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मदरसा अधिनियम लागू किया था, उसका मानना था कि अल्पसंख्यकों में केवल मुस्लिम समाज के लोग होते हैं, अन्य को इससे दूर रखा। जबकि हमारी सरकार ने सिख, जैन, पारसी आदि अल्पसंख्यक समुदाय को इसमें शामिल किया है। किसी के अधिकार कम न कर समाज अधिकार देने का काम किया है। कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति से देवभूमि की जिस पहचान को कलंकित किया हम उस कलंक को मिटाने काम कर रहे हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें