उत्तराखंड के मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी अब मेडिकल दाखिलों की कॉमन प्रवेश परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) दे सकेंगे।
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड इसके लिए आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार करा रहा है। जल्द ही इसे लांच कर दिया जाएगा। उधर, मदरसा बोर्ड को उत्तराखंड बोर्ड के समकक्ष मान्यता मिलने पर बोर्ड पदाधिकारियों ने सरकार का आभार जताया है।
उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के उपाध्यक्ष आरए खान का कहना है कि मुंशी, मौलवी और आलिम की डिग्री को उत्तराखंड माध्यमिक बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की डिग्री के समकक्ष मान्यता मिलने से मदरसा छात्र मुख्यधारा में शामिल होंगे।
उच्च शिक्षा हासिल कर वे देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि समकक्ष मान्यता मिलने के बाद उनका अगला लक्ष्य मदरसों में छात्रों को आधुनिक शिक्षा दिलाना और अच्छे मदरसों को सरकार से अनुदानित कराना है। मदरसा बोर्ड आधुनिक शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार करा रहा है। आगामी बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा जाएगा।
आधुनिक पाठ्यक्रम में मैथ, अंग्रेजी, साइंस और कंप्यूटर विषय शामिल होंगे। परंपरागत शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा हासिल करने से मदरसा छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा। साथ ही वे नए राष्ट्र निर्माण में भी भागीदारी कर सकेंगे। उधर, उत्तराखंड मदरसा एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना इफ्तिखार और सचिव हाफिज मोहम्मद शाहनजर ने मान्यता का आदेश जारी होने पर सरकार का आभार व्यक्त करते हुए बोर्ड के निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी और उपरजिस्ट्रार हाजी अखलाक अहमद अंसारी के प्रयासों की सराहना की।