यात्रियों के विश्राम के लिए पुख्ता इंतजाम और जगह-जगह अस्थायी शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार भी ट्रैक्टर ट्रॉलियों और भारी वाहनों को बूम से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि मेला शुरू होने से पूर्व समय-समय पर बैठकें और स्थलीय निरीक्षण कर मेले की तैयारी की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
जिला पंचायत के हाथों में सौंपा जाए पूर्णागिरि मेले का संचालन: ज्योति
जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय ने कहा कि पूर्णागिरि मेले का संचालन पूर्व की भांति जिला पंचायत के हाथों में सौंपा जाए। उनकी इस मांग पर विधायक कैलाश गहतोड़ी ने भी सहमति जताई लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
बता दें कि वर्ष 2011 के बाद से मेले का संचालन जिला पंचायत से हटाकर जिला प्रशासन और मेला प्रशासन ने अपने हाथों में ले लिया था। मेले की आय और व्यय का संचालन भी जिला प्रशासन और मेला प्रशासन द्वारा किया जाता है।