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गैस सब्सिडी पर उपभोक्ताओं को मिली कुछ राहत

Wed, 26 Nov 2014 01:50 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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गैस सिलेंडर पर उपभोक्ताओं को मार्च माह तक सीधी सब्सिडी मिलती रहेगी। लेकिन उसके बाद गैस सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ही जाएगी।
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इस अवधि में उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ लेने के लिए एक दिसंबर से शुरू होने वाली जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

हालांकि, इस बीच जिन उपभोक्ताओं ने जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं, उनकी सब्सिडी एक जनवरी से ही बैंक खाते में जाने लगेगी। उत्तराखंड में एलपीजी सब्सिडी की नकद भुगतान योजना (डीबीटीएल) एक जनवरी-2015 से लागू हो रही है।

इसका मतलब यह है कि एक जनवरी-2015 से रसोई गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी उपभोक्ताओं के बैंक एकाउंट में जाएगी और लोगों को सिलेंडर प्राप्त करने समय उसकी पूरी कीमत चुकानी होगी। उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी का लाभ लेने के लिए जरूरी कागजी औपचारिकताएं एक दिसंबर-2014 से पूरी करनी होंगी।
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तीन माह का ग्रेस पीरियड

उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने एक गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत उन उपभोक्ताओं 31 मार्च 2015 तक राहत दी गई है, जिन्होंने अपनी कागजी औपचारिकताएं एक जनवरी तक नहीं पूरी की हैं।

ऐसे उपभोक्ताओं को मार्च माह तक सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर मिलते रहेंगे लेकिन उन्हें इस अवधि में अपने बैंक एकाउंट गैस एजेंसी में दर्ज कराने होंगे। यूपीएसओ के महाप्रबंधक सज्जन कुमार ने बताया कि इस योजना से प्रदेश के 25 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

और तीन माह का पार्किंग पीरियड
यूपीएसओ के महाप्रबंधक बताया कि एक अप्रैल 2015 से 30 जून 2015 तक उपभोक्ताओं को पार्किंग पीरियड दिया जाएगा। इस दौरान उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी के गैस सिलेंडर मिलेगा और सब्सिडी राशि तेल कंपनी जमा कर लेगी।

इस बीच आधार कार्ड और बैंक संबंधी कागजी कार्रवाई पूरी करने पर उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

आधार कार्ड होगा जरूरी

तेल कंपनियों ने शुरुआती 3 महीनों में आधार कार्ड बनाने का समय उपभोक्ताओं को दिया है। इस दौरान यदि किसी ने बैंक एकाउंट से अपनी एजेंसी को जोड़ लिया है और आधार कार्ड जमा नहीं किया है, तो उसे भी गैस सिलेंडर की पूरी कीमत अदा करनी होगी और सब्सिडी एकाउंट में जाएगी।

मगर एक अप्रैल से 30 जून तक आधार कार्ड जमा करने का समय दिया गया है। जिसके बाद ही उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलेगी। इसका मतलब यह है कि सभी गैस उपभोक्ताओं को 30 जून 2015 तक आधार कार्ड बनवाना ही पड़ेगा।

सब्सिडी का फंडा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की घटती बढ़ती कीमतों के अनुसार हर महीने की पहली तारीख को गैस सिलेंडर की कीमत तय होती है। वर्तमान समय में नॉन सब्सिडी गैस की कीमत 873 रुपए है, जबकि सब्सिडी युक्त सिलेंडर 437.50 रुपए में मिल रहा है।

नकद भुगतान योजना (डीबीटीएल) में उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेते समय गैस की पूरी कीमत चुकानी होगी। सिलेंडर पर सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी तय मूल्य काटकर उपभोक्ता के एकाउंट में भेज दी जाएगी।
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यह करना है जरूरी

- एलपीजी उपभोक्ता आधार संख्या को बैंक खाते से संबद्ध करा कर बैंक खाते में सब्सिडी की राशि प्राप्त कर सकते हैं।
- जिन उपभोक्ताओं के पास आधार संख्या नहीं है, वह भी सब्सिडी की राशि बिना आधार संख्या का उपयोग किए बैंक खाते में प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए बैंक एकाउंट से कस्टमर संख्या को संबंद्ध करना होगा।

- लेकिन तीस जून तक उपभोक्ताओं को हर हाल में आधार कार्ड बनवाना होगा और उसका नंबर गैस एजेंसी को देना होगा।

इन बातों का रखें ध्यान
- गैस सब्सिडी पाने के लिए बैंक एकाउंट से ग्राहक संख्या को जोड़ना जरूरी, 30 दिसंबर तक हर हाल में फार्म भर लें।
- जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड नहीं हैं, वह अपने पास के आधार पंजीकरण स्थल पर जाकर पंजीकरण करा लें।
- आपके गैस एजेंसी में क्षेत्र के सभी आधार पंजीकरण स्थानों का विवरण और पता मौजूद है।

- जिन उपभोक्ताओं के पास आधार संख्या है वह अपने बैंक और गैस एजेंसी पर फार्म संख्या 1 और 2  में आवेदन करें और आधार संख्या को संबद्ध करा लें। फार्म 1 बैंक में और बैंक 2 एजेंसी में जमा होगा।

- जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड नहीं हैं, वह फार्म संख्या 3 या 4 में आवेदन करें और अपने बैंक खाते को संबद्ध करा लें। फार्म 3 बैंक और फार्म 4 एजेंसी में जमा होंगे। ध्यान रहे दोनों में से सिर्फ एक ही फार्म भरना है।
- गैस एजेंसियों में फार्म संख्या 1 से 4 तक  निशुल्क उपलब्ध हैं।
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