अधिकारियों के तमाम दावों के बावजूद कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में रसोई गैस की किल्लत हो सकती है। कुछ रास्ते बंद होने और कुछ का रूट डायवर्ट होने के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा बैकलॉग भी बढ़ सकता है, जिसे रूटीन में आने में एक से डेढ़ महीना लग सकता है। उधर रूट डायवर्ट होने से खर्च बढ़ने के कारण कुछ ट्रक चालकों ने गाड़ी चलाने से इनकार कर दिया है। इससे समस्या और बढ़ सकती है।
प्रशासन व आपूर्ति विभाग की अधूरी तैयारी कांवड़ यात्रा के दौरान रसोई गैस उपभोक्ताओं पर भारी गुजरने वाली है। स्थिति ये है कि रविवार से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई, यात्रा दौरान रास्ते बंद होने के कारण जिले में गैस की गाड़ियां नहीं पहुंच पाएगी।