जब भी एजेंसी से या डिलीवरी मैन से गैस सिलिंडर लें तो उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देख लें। एक्सपायरी डेट के बाद सिलिंडर पर लगी सील की पकड़ कमजोर होने लगती है और सिलिंडर से गैस लीक होने लगती है। जिससे उसके फटने की खतरा बना रहता है।
अगर आपको सिलिंडर की एक्सपायरी डेट जाननी है तो उस पर लिखा कोड देखें। इस कोड में सिलिंडर के एक्सपायर होने का महीना और साल लिखा होता है। इसमें पूरे साल को चार हिस्सों में बांटा हुआ होता है। जिसमें जनवरी, फरवरी, मार्च के लिए ए, अप्रैल, मई, जून के लिए बी, जुलाई, अगस्त, सितंबर के लिए सी, और अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर के लिए डी लिखा होता है। इसके आगे वर्ष लिखा होता है।
जरूर करें लीकेज की जांच
सिलिंडर लेते समय उसकी अच्छी तरह से जांच करें। कई बार गैस सिलिंडर नीचे की ओर गले हुए होते हैं और गली हुई जगह से गैस लीक होने लगती है। सिलिंडर की सील को हटाकर भी लीकेज की जांच अवश्य करें।
अगर आप अपना गैस सिलिंडर गोदाम से खुद ही लेकर आते हैं तो आप उसकी कीमत में से डिलीवरी चार्ज कम करवा सकते हैं। गैस एजेंसी आपके घर सिलिंडर पहुंचाने के लिए डिलीवरी चार्ज वसूल करती है और वह चार्ज गैस सिलिंडर की कीमत में ही जुड़ा होता है। इस समय डिलीवरी चार्ज 19.50 रुपये है।
यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायत
उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर से जुड़ी कोई शिकायत है तो वह टोल फ्री नंबर 18002333555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।