पांच बार अलग-अलग रूटों से एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही लवराज सिंह धर्मशक्तू को शुक्रवार को दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पद्मश्री सम्मान प्रदान किया।
असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात लवराज
मुनस्यारी के बोना गांव निवासी 43 वर्षीय लवराज को पद्मश्री सम्मान देने का ऐलान बीती 26 जनवरी को हो गया था। बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात लवराज की पोस्टिंग इन दिनों देहरादून में है।
लवराज सिंह पांच बार एवरेस्ट पर चढ़ने के साथ ही सात बार एवरेस्ट अभियान में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने हिमालय की 44 दुर्गम चोटियों पर फतह हासिल की है। लवराज ने बताया कि 1998 में पहली बार वह एवरेस्ट पर चढ़े थे।
उसके बाद लगातार उनका अभियान जारी रहा। 2008 में उन्होंने कंचनजंघा चोटी फतह की। लवराज कहते हैं कि चोटियों पर चढ़ने का जुनून कभी समाप्त नहीं होता।
किया था एवरेस्ट में पड़े कचरे को हटाने का काम
एक पर्वतारोही हमेशा यही तमन्ना रखता है कि वह दुर्गम चोटी पर पहुंचे। पिछले साल लवराज ने अपनी टीम के साथ जाकर एवरेस्ट में पड़े कचरे को हटाने का काम किया था।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेहद संजीदा लवराज ने पिछले साल जून में आई आपदा के बाद केदार घाटी में राहत और बचाव के काम में हिस्सा लिया था।
लवराज की उपलब्धि पर पर्वतारोही पुरमल सिंह धर्मशक्तू, सुरेंद्र पंवार समेत तमाम लोगों ने खुशी जताई है।