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‘चाहे गोली मार दो, एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे’

Sun, 05 Jan 2014 07:59 PM IST
सत्यपाल सैनी/अमर उजाला, भगवानपुर
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दोनों पर दीवानगी का ऐसा जुनून सवार है कि वो किसी हाल में भी एक दूसरे से अलग होने को तैयार नहीं है। मजहब की दीवार को लेकर जमाना उनके खिलाफ लामबंद हो, पर उन पर इसका कोई असर नहीं है।
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प्रधान और परिजन सद्भाव का वास्ता देकर उनसे घंटो माथापच्ची कर चुके है। दोनों इस बात पर अड़िग है कि चाहे गोली मार दो या फिर जेल भेज दो। कुछ भी करो, वो एक दूसरे से जुदा नहीं होंगे।

दो साल से करते थे प्रेम
रायपुर के युवक और देवबंद की लड़की की यह प्रेम कहानी करीब दो साल पुरानी है। रुड़की के एक कॉलेज में पढ़ते हुए उनके बीच आंखे चार हुई। पहले बातचीत, फिर प्यार का इजहार और फिर साथ जीने और मरने की कसमें।
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उन दोनों का प्रेम भी कुछ इस तरह की परवान चढ़ा। लड़की रुड़की में अपने मामा के यहां रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। मई माह में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी।

एक जनवरी को हुए थे फरार
एक जनवरी को नया घंरौदा बसाने के लिए दोनों ने अपने घर छोड़ दिए। तीन दिन पहले कचहरी में मारपीट के बाद यह प्रेम कहानी इतनी गरमा गई कि रविवार को पूरा देहात क्षेत्र उससे दहकता रहा।

इस सब से प्रेम दीवाने बेपरवाह है। रायपुर के प्रधान राशिद अली की माने तो वह लड़के के पिता के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत करते रहे। काफी समझाया, बुझाया, शांति बिगाड़ने की आशंका भी जताई। इस पर दोनों एक दूसरे को साथ छोड़ने को तैयार नहीं हुए।

बेटे को किया अलग
प्रेमी के पिता मुंशी नसीम बेटे के कदम से आहत है। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से अब बेटा मर चुका है। बातचीत इसलिए की कि ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके। वह तो खुद उसके लिए रिश्ता तलाश रहे थे। बेटे के इस प्रेम-प्रसंग ने पूरे परिवार को अपमान के अलावा कुछ नहीं दिया।
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