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सुसाइड नोट में लिखा 'अब और नहीं भाग सकते...हम थक चुके हैं' और फांसी के फंदे पर झूल गया प्रेमी जोड़ा 

Fri, 02 Aug 2019 10:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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घर से भागे एक प्रेमी जोड़े ने ऋषिकेश में आकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल पर सुसाइड नोट बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय महिला दो बच्चों की मां थी। बृहस्पतिवार को घाट रोड स्थित बाबा रामदास साहिब सिंधी धर्मशाला में सुबह एक युवक और एक महिला फांसी पर लटके पाए गए।

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मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया है। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय जगप्रीत सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी- 17/1092, संधु कॉलोनी, छरेटा, अमृतसर और 28 वर्षीय सपना पंवार पत्नी शिव पंवार निवासी 730/13 विजय पार्क प्रताप नगर गुरुग्राम हरियाणा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक व महिला काफी समय से घर से भागे हुए थे।

जानकारी के अनुसार बीते बुधवार को युवक और महिला त्रिवेणी घाट रोड स्थित बाबा रामदास साहिब सिंधी धर्मशाला पहुंचे। यहां उन्होंने एक कमरा 200 रुपये में एक दिन के लिए किराए पर लिया। इसके बाद दोनों ने कमरे पर अपना सामान रखा और घूमने के लिए निकल पड़े। देर शाम को दोनों लौटकर अपने कमरे में चले गए। बृहस्पतिवार की सुबह धर्मशाला का चौकीदार सुधीर सफाई कर रहा था।

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सुसाइड नोट में दोनों बच्चों के लिए भी लिखी ये बात

तभी महिला को रोता देख उसने वजह जाननी चाही। महिला ने कुछ नहीं बताया और सीधे अपने कमरे में चली गई। महिला ने कमरा अंदर से बंद कर लिया। चौकीदार सुधीर ने कमरे को काफी देर तक खटखटाया।

जब दरवाजा नहीं खुला तो वह प्रबंधक धर्मानंद डिमरी के बैराज रोड स्थित आवास पर गया और पूरी जानकारी दी। इसके बाद दोनों धर्मशाला पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर पुलिस धर्मशाला पहुंची और दरवाजा तोड़ा। पुलिस के मुताबिक दोनों शव एक ही पंखे से लटके हुए थे।

हम थक चुके हैं, और नहीं भाग सकते
मृतका के पर्स से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि आपसे हाथ जोड़ कर विनती है। हमारी लाश घर पहुंचा देना। मेरा नाम सपना पंवार है, पापा का नाम प्रकाश पंवार है। मेरा एड्रेस मेरे पर्स में है। मेरे घर का नंबर...है। हो सके तो आप सब हमें माफ कर देना। मेरे बच्चों मम्मा तुमसे बहुत प्यार करती है...और हमेशा करती रहेगी। मुझे माफ कर देना। इसी पत्र के दूसरे पैराग्राफ में लड़के ने लिखा है कि मेरा नाम जगप्रीत है। मैं अमृतसर से हूं। मेरा घर संधू कॉलोनी में है। हम दोनों अपनी मर्जी से सुसाइड कर रहे हैं। अब और नहीं भाग सकते...हम थक चुके हैं। मेरे घर का नंबर...है।
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बिना आईडी दिया कमरा, कटेगा चालान 

कोतवाली पुलिस ने कुछ समय पूर्व क्षेत्र धर्माशालाओं, लॉज, आश्रम और होटल संचालकों की बैठक ली थी। इसमें सीओ वीरेंद्र सिंह रावत तथा कोतवाल रितेश शाह ने बिना आईडी के कमरा न दिए जाने की हिदायत दी थी।
 
इसके साथ ही अपने संस्थान में सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा था। वहीं सिंधी धर्मशाला में भी दोनों प्रेमी जोड़े को बिना पहचान पत्र के कमरा दे दिया गया। कोतवाल रितेश शाह ने धर्मशाला का 10 हजार रुपये का चालान करने का निर्णय लिया है। 

तेजी से बढ़ रहे आत्महत्या के मामले
तीर्थनगरी में आत्महत्या और आत्महत्या की कोशिश के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते तीन माह की बात करें तो आत्महत्या और आत्महत्या की कोशिश के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कोतवाली क्षेत्र में बीते तीन माह में इंद्रानगर में बंद कमरे में तथा आईडीपीएल के जंगल में पेड़ से लटककर दो लोगों ने आत्महत्या की। जबकि विभिन्न क्षेत्रों में पांच लोग हाथ की नस काटने और जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं।
 
वहीं, थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में भी बीते तीन माह में दो सुसाइड के मामले सामने आए हैं। इसमें शीशमझाड़ी में शादी के छह दिन बाद ही एक युवक पंखे से लटक गया और दूसरा तपोवन स्थित एक गेस्ट हाउस में पंखे से लटका पाया गया था।
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