ईश्वरन की कोठी में डकैती डालने के आरोप में गिरफ्त में आए जुर्म के उस्तादों का पुलिस एक साल के मूवमेंट का पता करेगी। उससे कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है। लुटेरे सिर्फ उतना ही बता रहे हैं, जितनी जानकारी पुलिस के पास है। उससे ज्यादा एक भी शब्द बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस को संदेह है कि लुटेरे देहरादून ही नहीं, अन्य राज्यों के कई ‘धन्नासेठों’ को भी अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस मूवमेंट के हिसाब से संबंधित राज्याें की पुलिस से संपर्क कर डकैती की अनसुलझी घटनाआें का ब्यौरा लेगी।
बीएसएफ से बर्खास्त वीरेन्द्र ठाकुर और अदनान तो लंबे समय से अपराध की दल-दल में धंसे है। अदनान के खिलाफ तो दिल्ली के कई थानाें में गोदाम फाड़ने और चोरी के सात के करीब मुकदमे दर्ज है, जबकि वीरेन्द्र ठाकुर के खिलाफ कोई अभियोग पुलिस को नहीं मिल पाया है। पुलिस पूछताछ में वीरेन्द्र उर्फ डीआईजी ने खुलासा किया था कि चोरी की घटनाएं करना उसकी आदत में शुमार हो गया है। अब इसके बिना नहीं रह सकता है। पूछताछ में आरोपियों ने सिर्फ उतना ही बताया है, जितना पुलिस ने अपनी जानकारी के हिसाब से पूछताछ की है। पुलिस मान रही है कि लुटेरों का गैंग जिस तरह काला धन रखने वालों को अपनी हिटलिस्ट तैयार कर रखी है, उसमें निसंदेह दूसरे राज्याें के धन्नासेठों के नाम होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसी लिहाज से पुलिस ने एक साल में लुटेरों के मूवमेंट का पता लगाने का फैसला लिया है। मूवमेंट के हिसाब से यह साफ हो जाएगा कि गैंग कब और कहां सक्रिय रहा है। उसी हिसाब से संबंधित राज्यों की पुलिस से बातकर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि क्या उस दौरान कोई वारदात हुई थी। यदि हुई थी तो क्या उसका अनावरण हो गया। यदि नहीं तो पकड़े गए लुटेरों की संलिप्तता की जांच पड़ताल की जा सकती है।
ईश्वरन लूटपाट में शामिल बदमाशों के एक साल के मूवमेंट के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस अवधि में वो किन-किन शहरों में सक्रिय है। सक्रियता के हिसाब से उनके जुर्म की फेहरिश्त का पता लगाने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए अलग से टीम गठित की जा रही है।
-अरुण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
आरटीओ कर्मचारी के घर डकैती मेें मुकदमा नहीं
बसंत विहार क्षेत्र में आरटीओ कर्मचारी के घर पर हुई डकैती के मामले में अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया है। पीड़ित कर्मचारी ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना चल रही है। यदि पीड़ित तहरीर नहीं देता है तो पुलिस वादी बनकर खुद कार्रवाई करेगी।