Lok Sabha speaker sumitra mahajan
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विधानसभा अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे विकास के एजेंडे पर एक-दूसरे के अच्छे अनुभवों को साझा करें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने के लिए सुझाव दिया कि परस्पर विचारों के आदान-प्रदान के सिलसिले को जारी रखें। उन्होंने विधानसभा के सदस्यों के क्षमता विकास और विशिष्ट विषयों की ज्ञान वृद्धि के लिए भी प्रयास किए जाने पर बल दिया।
वह सोमवार को एक होटल में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया (सीपीए) जोन-एक की पहली बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। बैठक में बिहार के विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उत्तरप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष एचएन दीक्षित, झारखंड के विधानसभा अध्यक्ष दिनेश ओराय, दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल एवं उड़ीसा के विधानसभा अध्यक्ष पीके आमत उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्षों को भी बैठक में आना था, लेकिन अंतिम समय में उनका कार्यक्रम बदल गया।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सीपीए के गठन और उसके औचित्य पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि सीपीए की जोनल बैठकों के जरिए सदस्य प्रांतों के विधानसभा अध्यक्ष संसदीय मामलों और समस्याओं के समाधान खोज सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनके इन प्रयासों में लोकसभा का सतत मार्गदर्शन मिलता रहेगा। इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्षों व सचिवों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहली बार आयोजित हो रही सीपीए की बैठक से विधानसभा की कार्य संस्कृति में नया बदलाव देखने को मिलेगा। विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक पहल होगी। विधानसभा सचिव जगदीश चंद ने सत्रों का संचालन किया।
Lok Sabha speaker sumitra mahajan
विधानसभाओं में भी हो बजटीय समिति
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सुझाव दिया कि लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा के स्तर पर भी बजटीय समितियां बनाने पर विचार किया जा सकता है। समिति के माध्यम से उन जनपदों के विकास की योजनाओं को बजट का हिस्सा बनाया जा सकता है, जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं। हर राज्य की काम करने की अपनी पद्धति है, लेकिन अच्छी और विकास में मददगार पद्धति को दूसरे राज्य अंगीकार कर सकते हैं।
किसने क्या कहा
हर जोन की एक नियमावली हो
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड भाग्यशाली है। यहां प्रकृति का खजाना है और यह देवों की भूमि है। जहां तक सीपीए का मसला है तो प्रत्येक जोन की नियमावली में एकरूपता होनी चाहिए।
विधानसभा उपाध्यक्ष भी हों सदस्य
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि प्रत्येक जोन में एक चेयरमैन नियुक्त होना चाहिए, जिसका कार्यकाल दो साल होना चाहिए। विधानसभा उपाध्यक्षों को भी सीपीए जोन में जोड़ा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी बने
उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विधानसभा की नियमावली एक समान होनी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी गठित कर काम करने की आवश्यकता है।
नदियों की स्वच्छता एवं विकास पर फोकस रहा
बैठक में सीपीए के सदस्यों ने नदियों की स्वच्छता एवं विकास पर खास ध्यान देने पर बल दिया। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पानी के महत्व पर रोशनी डाली। उन्होंने जल संरक्षण की ठोस नीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगला विश्व युद्ध पानी को लेकर हो सकता है। स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण विषय पर उत्तराखंड में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। इसके लिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इजाजत मांगी। कार्यक्रम के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष एवं सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए।