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पाकिस्तान में हुई राष्ट्रमंडल की बैठक को लेकर सुमित्रा महाजन ने किया खुलासा, पढ़िए क्या कहा

Mon, 28 May 2018 11:37 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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Lok Sabha speaker sumitra mahajan
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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पाकिस्तान में हुई राष्ट्रमंडल की बैठक को लेकर एक खुलासा किया है। आगे जानिए.. उन्होंने खुलासा किया कि पाकिस्तान में हुई राष्ट्रमंडल की बैठक में जम्मू-कश्मीर को छोड़कर भारत के सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों को बुलाया गया। इस पर हमने एतराज किया। साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर के स्पीकर को नहीं बुलाया गया, इसलिए देश से कोई भी अध्यक्ष नहीं जाएगा। बाकी देशों से भी कहा गया कि यह ठीक नहीं।

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लोकसभा और विधानसभाओं में सदन की कार्यवाही के दौरान बढ़ते व्यवधान पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि आरोप भी लगाने हों तो चर्चा जरूरी है। वह पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही के संचालन के लिए नियम बने हैं। ऐसे नियम भी हैं कि वैल में हंगामा करने वाले सदस्य के खिलाफ कार्रवाई हो।

लेकिन कार्रवाई के बाद क्या होगा? इसलिए यह आवश्यक है कि सदस्यों को चर्चा करने के लिए प्रेरित किया जाए। दलों के नेताओं के साथ बात करके इसके प्रयास होते हैं। लोस और विस में कार्य मंत्रणा समिति होती हैं, जो संख्या बल के हिसाब से चर्चा के लिए समय निर्धारित करती हैं। अध्यक्ष का यह प्रयास होना चाहिए कि सभी सदस्यों को चर्चा में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो। अध्यक्ष के लिए सभी सदस्य एक समान हैं।
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मसूरी पर अभिभूत सुमित्रा महाजन
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन मसूरी के प्राकृतिक सौंदर्य पर अभिभूत दिखीं। उन्होंने पत्रकारों से मसूरी भ्रमण के अनुभवों को साझा किया। मसूरी की व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि धनौल्टी में देवदार के वृक्षों को देखकर उन्हें बहुत सुकून मिला। उन्होंने कहा कि सफाई के मामले में इंदौर दो बार प्रथम रहा। अब क्लीन इंदौर के साथ ग्रीन इंदौर पर फोकस है। वहां ऐसी प्रजाति के वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे वहां का वातावरण भी हराभरा दिखाई दे।

डॉक्यूमेंट्री से दिखाई उत्तराखंड की तस्वीर
सीपीए जोन-एक की बैठक के दौरान उत्तराखंड विधानसभा की ओर से एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उत्तराखंड की विकास यात्रा को दर्शाया गया।
 

सतत विकास को आगे आएं विधानसभाएं: महाजन

Lok Sabha speaker sumitra mahajan
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विधानसभा अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे विकास के एजेंडे पर एक-दूसरे के अच्छे अनुभवों को साझा करें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने के लिए सुझाव दिया कि परस्पर विचारों के आदान-प्रदान के सिलसिले को जारी रखें। उन्होंने विधानसभा के सदस्यों के क्षमता विकास और विशिष्ट विषयों की ज्ञान वृद्धि के लिए भी प्रयास किए जाने पर बल दिया।

वह सोमवार को एक होटल में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया (सीपीए) जोन-एक की पहली बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। बैठक में बिहार के विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उत्तरप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष एचएन दीक्षित, झारखंड के विधानसभा अध्यक्ष दिनेश ओराय, दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल एवं उड़ीसा के विधानसभा अध्यक्ष पीके आमत उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्षों को भी बैठक में आना था, लेकिन अंतिम समय में उनका कार्यक्रम बदल गया।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सीपीए के गठन और उसके औचित्य पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि सीपीए की जोनल बैठकों के जरिए सदस्य प्रांतों के विधानसभा अध्यक्ष संसदीय मामलों और समस्याओं के समाधान खोज सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनके इन प्रयासों में लोकसभा का सतत मार्गदर्शन मिलता रहेगा। इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्षों व सचिवों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहली बार आयोजित हो रही सीपीए की बैठक से विधानसभा की कार्य संस्कृति में नया बदलाव देखने को मिलेगा। विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक पहल होगी। विधानसभा सचिव जगदीश चंद ने सत्रों का संचालन किया।
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विधानसभाओं में भी हो बजटीय समिति

Lok Sabha speaker sumitra mahajan
विधानसभाओं में भी हो बजटीय समिति
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सुझाव दिया कि लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा के स्तर पर भी बजटीय समितियां बनाने पर विचार किया जा सकता है। समिति के माध्यम से उन जनपदों के विकास की योजनाओं को बजट का हिस्सा बनाया जा सकता है, जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए हैं। हर राज्य की काम करने की अपनी पद्धति है, लेकिन अच्छी और विकास में मददगार पद्धति को दूसरे राज्य अंगीकार कर सकते हैं।

किसने क्या कहा

हर जोन की एक नियमावली हो
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड भाग्यशाली है। यहां प्रकृति का खजाना है और यह देवों की भूमि है। जहां तक सीपीए का मसला है तो प्रत्येक जोन की नियमावली में एकरूपता होनी चाहिए।
 
विधानसभा उपाध्यक्ष भी हों सदस्य
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि प्रत्येक जोन में एक चेयरमैन नियुक्त होना चाहिए, जिसका कार्यकाल दो साल होना चाहिए। विधानसभा उपाध्यक्षों को भी सीपीए जोन में जोड़ा जाना चाहिए।

राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी बने
उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विधानसभा की नियमावली एक समान होनी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी गठित कर काम करने की आवश्यकता है।

नदियों की स्वच्छता एवं विकास पर फोकस रहा
बैठक में सीपीए के सदस्यों ने नदियों की स्वच्छता एवं विकास पर खास ध्यान देने पर बल दिया। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पानी के महत्व पर रोशनी डाली। उन्होंने जल संरक्षण की ठोस नीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगला विश्व युद्ध पानी को लेकर हो सकता है। स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण विषय पर उत्तराखंड में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। इसके लिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इजाजत मांगी। कार्यक्रम के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष एवं सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए।
 
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