18 साल पूरे होने से पहले के वोट का फार्मूला भी नाकाम
चुनाव आयोग पिछले कई साल से उन युवाओं का पहले ही वोट बना रहा है, जिनकी आयु आने वाली निर्धारित तिथि तक 18 साल पूरी होगी। बावजूद इसके चुनाव आयोग को अभी तक कामयाबी नहीं मिल पा रही है। वहीं, कॉलेज, विवि के स्तर से 18 वर्ष आयु पूरी होने पर मतदाता बनने की योजना भी परवान नहीं चढ़ पाई है।
युवाओं की उदासीनता पर उठ रहे सवाल
मतदाता बनने के प्रति युवाओं की उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं। उत्तराखंड में इतना कम आंकड़ा होने के पीछे पढ़ाई या काम के सिलसिले में राज्य से बाहर पलायन करने को भी वजह माना जा रहा है। वहीं, ये भी माना जा रहा है कि युवाओं में पहली बार मतदाता बनने को लेकर उत्साह नहीं है। चुनाव आयोग भी उन्हें रिझाने की कोशिशें नाकाम सी नजर आ रही है।
राजनीतिक दलों का पूरा फोकस
राजनीतिक दलों का लोकसभा चुनाव में पूरा फोकस युवाओं पर है। कांग्रेस ने जहां युवाओं के लिए पांच गारंटी दी है तो वहीं भाजपा भी युवाओं के भविष्य व पूर्व की योजनाओं को लेकर चुनाव मैदान में है।