उन्होंने उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ पर्यटन सेक्टर की संभावनाओं को लेकर आश्वस्त करना चाहा कि केंद्र सरकार इसमें राज्य का पूरा सहयोग करेगी। ऋषिकेश की अध्यात्म, योग और पर्यटन से जुड़े महत्व का उन्होंने खासतौर पर जिक्र किया। भाजपा के पारंपरिक हिंदुत्व के एजेंडे पर कांग्रेस के रवैये पर निशाना साधने से भी मोदी नहीं चूके। उन्होंने पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के हिंदुओं की आस्था की प्रतीक शक्ति स्वरूपा मां धारी देवी और मां चंद्रबदनी का जिक्र किया। उन्होंने शक्ति से जुड़े विवादित बयान पर घिर चुकी कांग्रेस पर आरोप जड़ा कि वह शक्ति को खत्म करना चाहती है। इन बातों के जरिये उन्होंने एक तरह से चुनाव में खड़े पार्टी के पांचों प्रत्याशियों की गारंटी का संदेश देने का प्रयास भी किया।
युवा, महिला, गरीब-बुजुर्ग को साधने की कोशिश
युवाओं का जिक्र उन्होंने स्टार्ट अप योजना से किया। उनका कहना था कि उत्तराखंड में 1000 स्टार्ट अप पंजीकृत हैं, इसमें 500 स्टार्ट का नेतृत्व बेटियां कर रही हैं। उन्होंने पहाड़ की महिलाओं की पीड़ा का भी जिक्र किया कि माताओं और बहनों का पूरा समय लकड़ी, पानी और पशुओं के चारे के इंतजाम में खप जाता था। उन्होंने इसे अपनी सरकार की मुफ्त सिलिंडर योजना से जोड़ा कि इससे महिलाओं को राहत मिली। घर-घर नल पहुंचने से भी सुविधा हुई। उन्होंने अगले पांच साल तक मुफ्त राशन और इलाज की सुविधा जारी रखने की बात कह कर गरीब और कमजोर वर्ग को भी आश्वस्त करने का प्रयास किया। वह बुजुर्गों को याद करना भी नहीं भूले। जनसभा में आए लोगों से उन्होंने अपील की कि वे घर-घर जाकर बुजुर्गों को उनकी राम-राम कह दें।