चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन इस तरह का भी नहीं रहा कि वह भाजपा और कांग्रेस के समीकरणों को प्रभावित कर पाए। ये स्थिति तब है जबकि भावनात्मक तौर पर उसके साथ लोग जुड़े हैं। गैरसैंण राजधानी, स्थानीय लोगों को रोजगार, हक हकूक जैसे मुद्दों के आज भी गरम होने के बावजूद यूकेडी इसका लाभ नहीं ले पा रही है। हालांकि यूकेडी के नेताओं का कहना है कि उसके प्रति मतदाताओं का दृष्टिकोण तेजी से सकारात्मक हो रहा है।
केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक में तय होगा घोषणा पत्र
लोकसभा चुनाव के लिए यूकेडी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक 14 व 15 मार्च को होगी। यूकेडी के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास ने बताया कि बैठक में चुनाव घोषणा पत्र और रणनीति तय की जाएगी। वहीं, पांचों लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवारों के टिकट का फैसला भी हो सकता है।