यह भाजपा में ही संभव है कि इसका साधारण से साधारण कार्यकर्ता उच्च से उच्च पद पर पहुंच सकता है। कार्यकारी अध्यक्ष नरेश बंसल ने कहा कि चौहान के भाजपा में जुड़ने से पार्टी को ताकत मिलेगी और पौड़ी लोकसभा सीट में जीत का अंतर बढे़गा और चौहान की सक्रियता का लाभ निरंतर मिलता रहेगा।
चौहान के साथ कैप्टन आनंद घिल्डियाल, प्रमोद रावत, सुभाष बिष्ट, विरेंद्र बिष्ट, कृष्ण सिंह नेगी, बृजमोहन नेगी, राम चरण भारद्वाज, कमेलश खंडवाल प्रमुख नेताओं ने घरवापसी की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, धन सिंह रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन भी उपस्थित थे।
धीरेंद्र चौहान का कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में पकड़ है। नगर निगम चुनाव में पार्टी ने उनकी पत्नी की प्रत्याशी नहीं बनाया तो उन्होंने बगावत कर दी। उनकी पत्नी विभा चौहान ने मेयर का चुनाव लड़ा और 23779 मत प्राप्त किए थे। भाजपा 11386 वोट लेकर तीसरे स्थान पर चली गई। इस बगावत का फायदा कांग्रेस ने उठाया और 25347 वोट से सीट जीत ली। चौहान को काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का समर्थक माना जाता है।
मैं सदैव भाजपा का था हूं और रहूंगा। कभी-कभी परिवार में मनमुटाव हो जाता है, जिसके कारण पिछले मेयर चुनाव में मैं पार्टी से अलग हो गया था। आज फिर से परिवार हूं। पार्टी के लिए जी जान से काम करूंगा।
- धीरेंद्र चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा