लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने के बाद सोशल मीडिया का मंच भी चुनावी रंग में रंग गया है। 2014 के चुनाव में भाजपा ने केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए सोशल मीडिया के जिस मंच को हथियार बनाया, आज उसी मंच पर पार्टी विपक्ष के सोशल सैनिकों की फौज (आईटी सेल) के वार दर वार का सामना करती दिख रही है। हालांकि विपक्ष की सक्रियता के बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी का सोशल मीडिया पर ऊपर जाता ग्राफ भगवा ब्रिगेड को कुछ हद तक राहत दे रहा है।
दरअसल, केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए 2014 में एड़ीचोटी का जोर लगाने वाली भाजपा ने चुनावी रण में अपनी आधी लड़ाई सोशल मीडिया के जरिये ही लड़ी। वहीं अब सोशल मीडिया की ताकत को भांप कर कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल डिजिटल मंच पर उतर आए हैं। बीते कुछ दिनों में सोशल मीडिया से दूर रहने वाले दिग्गज नेताओं ने भी यहां एंट्री की है।