एग्जिट पोल के बाद अब खुफिया एजेंसियों का चुनावी गणित भाजपा के लिए अच्छी खबर लेकर आया है।
उत्तराखंड में भाजपा लोकसभा की पांच में से चार सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। हरिद्वार सीट पर कांटे की टक्कर बताई जा रही है।
यानी यह सीट भाजपा या कांग्रेस किसी की भी झोली में जा सकती है। आईबी, स्पेशल ब्रांच और एलआईयू की रिपोर्ट में जीत का आंकड़ा 4-1 का बताया गया है।
निशंक और रेणुका के बीच कांटे की टक्कर
यानी नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी और टिहरी में भाजपा की जीत की उम्मीद जताई गई है।
जबकि हरिद्वार सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सीएम हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत के बीच कांटे का मुकाबला है।
हरिद्वार में पूर्व डीजीपी और आप प्रत्याशी कंचन चौधरी भट्टाचार्य के दोनों का गणित बिगाड़ने की बात कही गई है। कहा जा रहा है कि कंचन ने जिसके भी वोट काटे उसकी हार पक्की है।
वैसे उनके भाजपाई वोट ज्यादा काटने की आशंका जताई गई है।
भाजपा की झोली में सपा, बसपा का वोटिंग परसेंटेज
वहीं नैनीताल सीट पर सपा, बसपा का वोटिंग परसेंटेज कटकर भाजपा की झोली में आने को डिसाइडिंग फैक्टर बताया गया है।
अल्मोड़ा सीट पर भी मोदी की रैली के बाद वोटरों का भाजपा के पक्ष में रुझान होने को जीत के लिए एक बड़ा कारण बताया गया है।
टिहरी और पौड़ी सीट पर भी भाजपा की जीत को तय बताया गया है।
अलग-अलग मामलों में पकड़ गए 42 लाख रुपए
ऊधमसिंह नगर जिले में भी अलग-अलग मामलों में 42 लाख रुपए पकड़ गए थे। इस तरह दोनों जिलों की टीमों ने कुल 1.29 करोड़ रुपए की नकदी पकड़ कर आयकर विभाग के सुपुर्द की थी।
निर्वाचन व्यय नोडल अधिकारी तृप्ति श्रीवास्तव ने बताया कि जितने भी मामले पकड़ गए हैं उनमें अधिकांश रुपए या तो व्यवसाय के लिए ले जाए जा रहे थे या फिर शादी समारोह आदि में खर्च के लिए।
बकायदा इसके उन्होंने प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करा दिए थे। बताया कि आयकर विभाग की जांच के बाद सभी को रुपये लौटा दिए गए हैं।
चुनाव के दौरान 1.29 करोड़ की राशि जब्त
निर्वाचन आयोग के उड़न दस्तों ने नैनीताल-ऊधमसिंहनगर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान कुल 1.29 करोड़ रुपए जब्त किए।
आयकर जांच में कुछ भी गलत न पाए जाने पर यह रकम संबंधित लोगों को लौटा दी गई।
इस चुनाव में विधानसभावार उड़नदस्ता टीमों का गठन कर मतदाताओं को पैसे का प्रलोभन देने या डराने-धमकाने जैसे मामले सामने आने पर कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके अलावा आयोग ने चुनाव के दौरान नकदी के रूप में अधिकतम दो लाख रुपए ले जाने की छूट का प्रावधान किया था।
निर्वाचन व्यय नोडल कार्यालय के अनुसार नैनीताल जिले में उड़नदस्ते की टीमों ने अलग-अलग मामलों 87 लाख की नकदी पकड़ कर आयकर विभाग के हवाले कर कोषागार में जमा कराई थी।