संघर्ष यात्रा को जन-जन तक बताएं
आपके एक वोट से ही आज उत्तराखंड सरकार कठिन निर्णय लेने का काम कर रही है। जाहिर है कि भाजपा रामधुन को रामलहर में बदलने के लिए चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ रही है। इसके लिए संगठन स्तर पर खास योजना बनाई गई है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह काम दिया गया कि वे अयोध्या में रामजन्मभूमि के लिए चले आंदोलन, कारसेवकों के बलिदान और रामलला के वहां विराजमान होने तक की संघर्ष यात्रा को जन-जन तक बताएं।
अधिक से अधिक लोगों के बीच इसकी चर्चा करें। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लें। धार्मिक व्यक्तियों को साथ जोड़ें और उनके जरिये संदेश फैलाएं। पार्टी ने यह योजना भी बनाई कि राज्य से जो लोग अयोध्या जाएं तो उनकी सुविधा के लिए पार्टी कार्यकर्ता वहां मौजूद रहें, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं की टोलियां बनाकर उन्हें सिलसिलेवार अयोध्या जाने के निर्देश हुए हैं।
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सीएम धामी अपने मंत्रिमंडल के साथ रामलला के दर्शन के लिए दो फरवरी को अयोध्या जा रहे हैं। उनके बाद पार्टी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की बारी है। कुल मिलाकर रणनीति यही है कि चुनाव से पूर्व पांचों लोकसभा सीटों पर विपक्ष सत्तारोधी रुझान के सुर बजाने का जतन करे तो ये रामधुन में दब जाए।