शव को लेने के लिए कमलेश के चचेरे भाई विमलेश भट्ट जिला प्रशासन से पास बनाने के बाद देहरादून से एंबुलेंस को बुक कर 24 अप्रैल तड़के साढ़े तीन बजे दिल्ली पहुंचे। विमलेश भट्ट ने बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि गृह मंत्रालय ने रात को एक आदेश निकाला कि विदेश से आने वाले किसी भी शव को नहीं लिया जाए।
इस वजह से कमलेश के शव सहित तीनों शवों को वापस दुबई आबूधाबी एयरपोर्ट के लिए विमान से वापस लौटा दिया गया है। विमलेश का आरोप है कि भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और दूतावास के बीच समन्वय न होने के कारण उनके भाई के शव की फजीयत हुई है।
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से परिजनों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शव को ऋषिकेश पूर्णानंद घाट तक पहुंचाने की मांग की है। उधर, कमलेश के बुजुर्ग माता-पिता इस आस में थे कि शुक्रवार को उनके बेटे के अंतिम दर्शन होंगे। लेकिन शव वापस भेजे जाने की खबर से पजिनों का रो-रोकर बुरा हाल है।