मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में काफी संख्या में प्रवासी आ रहे हैं, जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है। भारत सरकार ने एक अप्रैल के बाद राशन कार्ड बनाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग ऐसे तीन लाख लोग हैं, जिनके जीवनयापन का भी कोई तत्काल साधन नहीं है। ऐेसे में राशन कार्ड बनाने की अनुमति दी जाए।
राज्य में लाए गए 45 हजार प्रवासी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में 45 हजार प्रवासियों को वापस लाया जा चुका है। इसका खर्च राज्य सरकार ने वहन किया है। पुणे व सूरत से भी ट्रेन से लोगों को वापस लाया जा रहा है। दो लाख श्रमिकों के खाते में दो हजार रुपये की धनराशि जमा कराई गई है। प्रदेश में श्रमिक कानूनों में सुधार किया गया है।
किसानों के लिए सिंगल विंडो
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुबंध पर खेती करने की दिशा में पहल की गई है। उद्योगों की भांति किसानों के लिए भी सिंगल विंडो सिस्टम के लिए पोर्टल तैयार किया जाएगा। खनन के चुगान में बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता रहती है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए भी एनजीटी से अनुमति प्रदान करने में प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद जताई है।