कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के कारण घरवापसी करने वाले हजारों प्रवासियों के रोजगार की राह चारधाम ऑलवेदर रोड के करीब 490 डंपिंग जोन से खुल सकती है। प्रदेश सरकार की ओर से केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव में इन डंपिंग जोन पर राज्य सरकार को मालिकाना हक देने की अनुमति मांगी गई है।
सरकार की इन डंपिंग जोन को विकसित करके वहां स्वरोजगार स्थापित करने की योजना है। इस संबंध में भेजे गए पत्र पर राज्य सरकार को केंद्रीय मंत्री गड़करी की हां का इंतजार है। कोविड -19 की महामारी से जूझ रही प्रदेश सरकार के सामने हजारों की संख्या में उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों की रोजी रोटी की व्यवस्था कराने की चुनौती भी है। लॉकडाउन शुरू होने से अब तक अलग-अलग राज्यों में फंसे दो लाख से अधिक लोगों की उत्तराखंड वापसी हो चुकी है। प्रवासियों के आने का सिलसिला अब भी जारी है।
प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर 2.47 लाख से अधिक प्रवासियों ने घरवापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। बकौल शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक, प्रदेश में करीब पांच लाख लोगों के आने अनुमान है। जाहिर है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग उत्तराखंड लौटेंगे तो प्रदेश सरकार पर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का दबाव भी बढ़ेगा।
इस दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार अलग-अलग मोर्चों और विकल्पों पर मंथन कर रही है। उनमें एक विकल्प चारधाम ऑलवेदर रोड के डंपिंग जोन हैं, जिन्हें विकसित करे उन्हें होटल, योग सेंटर, टूरिस्ट सेंटर व अन्य रोजगार के साधनों में बदला जा सकता है। इनमें स्थानीय प्रवासियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार दिया जा सकता है। इसी मंशा से अपर मुख्य सचिव लोनिवि के कार्यालय से पिछले दिनों केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को पत्र भेजा गया था, लेकिन अभी उस पर सहमति नहीं मिल पाई है।
स्थानीय रोजगार पर फोकस, गड़करी से करूंगा बात : भगत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि प्रवासियों के रोजगार को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में उन्होंने सीएम को सुझाव दिया था कि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों से जुड़े रोजगार पर फोकस किया जाए। सरकार रोजगार से जुड़ी योजनाएं बनाते समय पारंपरिक लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्राथमिकता दे और उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़कर अधिक लाभकारी बनाने में सहयोग दे। भगत ने कहा कि चारधाम ऑलवेदर रोड के डंपिंग जोन को रोजगार से जोड़ने की योजना काफी मददगार हो सकती है। इस बारे में वह केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री गडकरी से बात करेंगे। उनका प्रयास रहेगा कि ये सभी डंपिंग जोन राज्य सरकार को सुपुर्द कर दिए जाएं।