लिहाजा हरिद्वार में भी अलग से कोरोना की जांच के लिए लैब खोले जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से हरिद्वार में लैब खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बुधवार शाम स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी की वीडियो कांफ्रेंस में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। डीएम ने बताया कि लैब स्थापित करने में करीब तीन करोड़ की धनराशि खर्च होनी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस धनराशि को स्वीकृत देकर हरिद्वार में लैब स्थापित की जाएगी। इससे पहले सैंपलिंग का कार्य तेज करने के लिए देहरादून से दो मशीनें हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। टीबी की जांच में काम आने वाली ये मशीनें कोरोना की जांच में भी काम आ रही हैं। संभवत: एक-दो दिन में ही ये मशीनें हरिद्वार पहुंच जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही लैब स्थापित हो जाएगी।