बगोली ने बताया कि राजस्थान के जयपुर में ढाई हजार से अधिक लोग फंसे हैं, जिनके लिए दो ट्रेनें रेलवे से चलाने का आग्रह किया है। वहीं, पंजाब से भी ट्रेनों के माध्यम से लोगों को लाने की कोशिश है। इसके अलावा चैन्नई, हैदराबाद, केरल और गोवा से भी ट्रेनों के संचालन की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की चलने से पूर्व स्क्रीनिंग की जाती है, पहुंचने के बाद दोबारा मेडिकल जांच होती है।
25 प्रतिशत पंजीकृत लोग नहीं चाहते हैं आना
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि लगभग दो लाख लोगों ने उत्तराखंड लौटने के लिए पंजीकरण कराया है। कई लोग ऐसे हैं जिनके परिवार में से एक सदस्य ने ही पंजीकरण करवाया है। ऐसे में लौटने वाले कुल प्रवासियों की संख्या लगभग तीन लाख है। अगर परिवार से एक व्यक्ति भी पंजीकृत है तो उसके साथ के दूसरे लोगों को भी लाया जाना है। लेकिन इस आंकड़े में 25 प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पंजीकरण करवाया है, लेकिन अब राज्य में लौटना नहीं चाहते हैं। संभव है कि जहां यह लोग ठहरे हैं, वहां उन्हें कोई समस्या नहीं है। सरकार मान कर चल रही है कि लगभग 50 हजार लोग पंजीकरण के बावजूद वापसी नहीं करेंगे।
हरियाणा से 13799
उत्तर प्रदेश से 11957
दिल्ली से 9452
चंडीगढ़ से 7163
राजस्थान से 2981
पंजाब से 2438
गुजरात से 1060
अन्य राज्यों से 1032