प्रदेश सरकार प्रवासियों की सुरक्षित घर वापसी के बाद उनके स्वरोजगार और रोजगार को लेकर कई योजनाएं ला रही है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की तरह कुछ और योजनाएं पाइपलाइन में हैं। यह योजनाएं प्रदेश लौटने वाले लोगों को अवसर मुहैया करवाएंगी।
सचिवालय मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में 1.75 लाख प्रवासी पंजीकृत हो चुके हैं। 18 हजार प्रदेश में पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य राज्य के चार हजार लोगों को भेजा गया है। ट्रेनों से लाए जाने वालों की यात्री लिस्ट और होने वाले खर्च को प्रदेश सरकार संबंधित राज्य को भेज चुकी है।
पहले चरण में गुजरात, महाराष्ट्र और केरल से लोग लाए जा रहे हैं। इसकी पूरी व्यवस्था अगले दो दिन में पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के लौटने के बाद जब उनके होम क्वारंटीन की अवधि पूरी हो जाएगी तो सरकार उनके लिए स्वरोजगार और रोजगार देने की हर संभव कोशिश करेगी।
कोविड-19 का डबलिंग रेट 96 दिन, रिकवरी रेट 74 प्रतिशत
राज्य में कोरोना के मामले, दोगुना होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है। अब यह दर बढ़कर 96 दिन हो गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में कोविड-19 में रिकवरी रेट 74 प्रतिशत है।
दिव्यांग कर्मचारी नहीं बुलाए जाएंगे कार्यालय
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिव्यांग कर्मचारियों को फिलहाल कार्यालयों में न बुलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जिलों से 307 कार्यों को अनुमति दी गई है। इसमें 16600 श्रमिकों का काम दिया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले वर्ष इस समय तक वनाग्नि के 298 मामले आए थे, जिसमें 351 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई थी। इस वर्ष 18 मामले वनाग्नि के सामने आए हैं। इससे 11 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। लगभग 6700 फायर वाचर की ड्यूटी लगी हुई है।
पेयजल संकट से निपटने को तैयार
गर्मियों के सीजन में पानी के संभावित संकट को देखते हुए विभागीय स्तर पर तैयारी की गई है। पेयजल संकट वाले संभावित 801 ग्रामीण क्षेत्र व 347 शहरी बस्तियों को चिन्हित किया गया है। यहां पेयजल आपूर्ति के लिए 70 सरकारी टैंकर, 177 प्राइवेट टैंकर और 98 जेनरेटर लगाए जाएंगे।
स्वयं सहायता समूहों का उल्लेखनीय योगदान
मुख्य सचिव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों ने विषम परिस्थितियों में भी उल्लेखनीय काम किया गया है। 3580 स्वयं सहायता समूहों के 12 हजार से अधिक सदस्यों ने 11 लाख मास्क बनाए। ऊधमसिंहनगर जिले के पहानिया में 600 से अधिक महिलाएं मूंज घास से हस्तशिल्प में काम कर रही हैं। इसके अलावा 4747 उद्योगों में 1.75 लाख लोगों ने काम करना शुरू किया है।
शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि भीड़ की रोकथाम के लिए कई राज्यों में शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था की है। उत्तराखंड की आबकारी नीति में इसका प्रावधान नहीं है। यहां अनियंत्रित भीड़ के भी मामले सामने नहीं आए हैं। अगर आवश्यक समझा जाएगा तो कानूनी रूप से होम डिलीवरी की व्यवस्था की जाएगी।