प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार पर व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान संगठन प्रशासन, विधायक या किसी जनप्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रतिवेदन प्रेषित करेंगे। संगठन ने चेतावनी दी इस प्रदर्शन के बाद भी अगर सरकार ने व्यापारियों की अनदेखी जारी रखी तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चंद्र वर्मा ने कहा कि व्यापारियों की आवाज न सुनने के लिए प्रदेश सरकार को यह पहली चेतावनी है। पिछले चार माह से व्यापारी अपना व्यापार बंद कर सरकार के हर फैसले का साथ दे रहा है। इस दौरान व्यापारियों की समस्याओं को लेकर सरकार को कई प्रतिवेदन भेजे, लेकिन इन समस्याओं को न तो प्रदेश सरकार ने सुना और न समाधान के लिए संगठन से कोई चर्चा की। प्रदेश सरकार की इस अनदेखी पर व्यापारियों को सरकार के खिलाफ आवाज उठानी पड़ रही है।
प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि विरोध दिवस के दौरान संगठन मुख्यमंत्री को प्रतिवेदन भेजकर दो दिवसीय लॉकडाउन को वापस लेने की मांग करेंगे। प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा ने जिला इकाईयों और नगर इकाईयों को विरोध दिवस का सफल बनाने की अपील की।
संगठन के संरक्षक बाबू लाल गुप्ता, प्रदेश कोषाध्यक्ष एनसी तिवारी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह व्यापारियों की समस्याओं को लेकर व्यापारियों से वार्ता करें और उनका समाधान करें। इस दौरान प्रमोद गोयल, सुरेश बिष्ट, हर्षवर्धन पांडे, दिनेश डोभाल, राजेश अग्रवाल, गुलशन छावड़ा आदि मौजूद रहे।