पहले के बच्चे भी आने लगे थे साथ
11 साल में लिव इन रिलेशन में रहने के बाद महिला और पुरुष में अनबन होने लगी। इसकी बड़ी वजह थी कि कभी-कभी महिला अपने पहले पति के बच्चों को बुला लिया करती थी। लिव इन में रहने वाले पुरुष का कहना था कि हम इतना खर्च नहीं उठा सकते। हमारा 10 साल का बच्चा ही हमारे लिए वही काफी है। इस मामले में महिला आयोग की ओर से महिला को एक मुश्त कुछ रुपये भुगतान करने के लिए पुरुष से कहा गया है।
लिव इन रिलेशन का यह प्रावधान
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून में यह प्रावधान बनाया गया है कि यदि कोई महिला और पुरुष लिव इन रिलेशन में रहते हैं तो इस रिलेशन के बारे में रजिस्ट्रार को सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अगर लिव इन रिलेशन समाप्त हो रहा है तो भी यह रजिस्ट्रार के समक्ष रखना होगा। वहीं, लिव इन रिलेशन में रहने के दौरान अगर बच्चे का जन्म होता है तो यह बच्चा भी वैध होगा। हालांकि अभी यह कानून राज्य में लागू नहीं हुआ है। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बताया कि इस मामले में अभी सुनवाई चल रही है।
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