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हाईवे किनारे स्थित शराब की 402 दुकानें हुईं बंद, जानें कहां-कितनी दुकानों में लगे ताले

Sat, 01 Apr 2017 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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शराब की दुकानों को नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर शिफ्ट करने में आबकारी विभाग के पसीने छूट गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए विभाग ने पूरे प्रदेश में हाईवे किनारे स्थित 402 दुकानों को बंद तो करा दिया है, लेकिन इनके लिए वैकल्पिक जगह की तलाश नहीं की जा सकी है।
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इस वजह से शनिवार को पूरे प्रदेश में शराब की ( देसी, अंग्रेजी और बियर बार) 532 दुकानों में से 158 का शटर उठ पाया। अल्मोड़ा जिले में 44 में से किसी दुकान का भी राजस्व जमा नहीं हुआ है। वहां शराब की सभी दुकानें बंद हैं।  

सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर 2016 को आदेश दिया था कि अगले वित्त वर्ष (2017-16) देश भर में नेशनल और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में स्थित शराब की दुकानों का नवीनीकरण नहीं किया जाए।
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हालांकि कोर्ट ने शुक्रवार को इस आदेश में संशोधन करते हुए 20 हजार से कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों के लिए इस सीमा को घटाकर 220 मीटर कर दिया है। प्रदेश सरकार ने इस योजना पर अमल करने की योजना पहले से तैयार कर ली थी। पूरे प्रदेश में लगभग 402 ठेके इस आदेश के दायरे में आ रहे हैं।
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एक माह के लिए बढ़ाई गई है आबकारी नीति 

वित्त वर्ष के पहले दिन (शनिवार) हाईवे किनारे स्थित सभी ठेके  बंद करा दिया गए। विभाग को इन ठेकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक शिफ्ट कराना था। लेकिन पहले दिन ही यह योजना धड़ाम हो गई।

दावा तो यह किया जा रहा था कि 402 ठेकों को शिफ्ट करने के लिए जगह चिंहित कर ली गई है, लेकिन शनिवार को 158 दुकानों के शटर ही उठ सके।158 की संख्या में वो दुकानें भी शामिल हैं जो शिफ्ट नहीं हुई हैं। जानकारी के मुताबिक दुकानों को शिफ्ट कराने में विभाग को जनाक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। 

नई आबकारी नीति तैयार नहीं होने की वजह से प्रदेश सरकार ने पुरानी आबकारी नीति को एक माह के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके मुताबिक जो दुकानें शिफ्ट होंगी उनके एक माह के राजस्व में पिछले साल के मुकाबले पांच फीसदी और शिफ्ट नहीं होने वाली दुकानों के राजस्व में 25 फीसदी का इजाफा किया गया है। जानकारी के मुताबिक शिफ्ट नहीं होने वाले दुकानों के संचालकों ने भी राजस्व में वृद्धि को अधिक बताते हुए पैसा नहीं जमा कराया है। 
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