दुधमुंही बच्ची और पत्नी की हत्या करने वाले दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) के पूर्व इंजीनियर को अदालत ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। 26 साल पुराने इस मामले में अदालत ने सोमवार को उसे हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी करार दिया था।
मूल रूप से सोनीपत हरियाणा एवं हाल निवासी उत्तमनगर, नई दिल्ली सेवाराम गोयल जून 1988 में पिता सत्यनारायण गोयल, पत्नी सरोजबाला और दो बेटियों को चारधाम यात्रा कराने के लिए उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश) लाया था। उसने भैरोघाटी उत्तरकाशी के पास पहाड़ी से धकेलकर करीब एक साल की छोटी बेटी चीनू और पत्नी की हत्या कर दी थी।
पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने हरिद्वार आकर बच्ची और पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार सिरोही की अदालत में हुई सुनवाई में सीबीआई की ओर से 16 गवाह पेश किए गए। मंगलवार को पुलिस ने दोषी को साढ़े ग्यारह बजे अदालत में पेश किया और उसे सवा बारह बजे सजा सुनाई गई।